UPSC में पूछे गए इस सवाल से केंद्र सरकार पर भड़कीं ममता बनर्जी, बोलीं- आयोग को बर्बाद कर रही BJP
कोलकाता, 13 अगस्त। यूपीएससी की परीक्षा में केंद्रीय पुलिस बल को लेकर पूछा गया एक सवाल केंद्र सरकार और ममता सरकार के बीच तकरार का नया मुद्दा बन गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को सरकार पर आरोप लगाया कि यूपीएससी सिविल और आर्म्ड सेवा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा का आयोजन करती है, लेकिन यूपीएससी की परीक्षा में सवाल क्या पूछे जाएंगे ये भाजपा दे रही है और इससे देश की इस संस्था की नींव को कमजोर किया जा रहा है।

यूपीएससी का राजनीतिकरण
बता दें कि सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स की परीक्षा में 200 सवालों के प्रश्न पत्र में परीक्षार्थियों से पश्चिम बंगाल में हिंसा पर एक रिपोर्ट लिखने को कहा गया था। इसपर ममता बनर्जी ने कहा कि यूपीएससी भाजपा से सवाल पूछ रही है कि अभ्यर्थियों से परीक्षा में क्या पूछना है। यूपीएससी भेदभाव से दूर रहने वाली संस्था थी लेकिन भाजपा इसे अब क्या सवाल पूछना है ये बता रही है। यूपीएससी की परीक्षा में किसान आंदोलन से जुड़े सवाल भी राजनीति से प्रेरित हैं। भाजपा यूपीएससी जैसी संस्थाओं को बर्बाद कर रही है।
चुनाव बाद गई जगह हिंसा
गौर करने वाली बात है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी ने जबरदस्त जीत दर्ज करते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। हालांकि ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम से चुनाव हार गईं लेकिन भाजपा ने टीएमसी पर आरोप लगाया कि चुनाव में जीत के बाद ममता बनर्जी ने प्रदेश में राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दिया और जानबूझकर भाजपा के नेताओं को निशान बनाया गया जहां पार्टी के नेताओं ने चुनाव में जीत दर्ज की है।
मानवाधिकार आयोग ने कमेटी का गठन किया
वहीं ममता बनर्जी की पार्टी का कहना है कि प्रदेश में चुनाव बाद हिंसा को जानबूझकर बढ़ा चढ़ाकर दिखाया गया, लोगों के बीच फर्जी वीडियो और तस्वीरें साझा की गई, जिसमे से अधिकतर हिंसा की घटनाएं मतगणना के दिन 2 मई को हुई है, जब प्रदेश की पुलिस चुनाव आयोग के नियंत्रण में थी। बता दें कि पिछले महीने मानवाधिकार आयोग ने एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी का गठन कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर किया गया है। कोर्ट ने कमेटी के गठन के निर्देश देते हुए कहा था कि प्रदेश में कानून का राज होने की बजाए शासक का राज था। कमेटी पर पलवटार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि कमेटी में भाजपा के आदमी हैं और चुनाव में हार के बाद भाजपा ने जानबूझकर चुनाव बाद हिंसा की थ्योरी लोगों के बीच फैलाई।
ममता ने किया पलटवार
ममता बनर्जी ने कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि एनएचआरसी का एक सदस्य भाजपा का आदमी है। वह पहले एबीवीपी का मुख्य नेता था। मुझे लगता है कि उसने सिर्फ भाजपा के बयान को ही देखा और रिपोर्ट में अपनी बात को रख दिया। हालांकि कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि मई माह में हुई हिंसा को लेकर सरकार अभी भी स्वीकार करने को तैयार नहीं है।












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