‘मेरे पास अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव’, ED रेड के बाद ममता का चौंकाने वाला दावा, कोलकाता से दिल्ली तक हड़कंप
Mamata Banerjee Amit Shah pen drives: कोलकाता की सड़कों पर गुस्सा, हाथों में पोस्टर और मंच से सीधे केंद्र सरकार को खुली चुनौती। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की छापेमारी के बाद जो कहा, उसने देश की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया। ममता ने ऐलान कर दिया कि उनके पास गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और अगर ज्यादा दबाव बनाया गया तो वह कोयला घोटाले की पूरी परतें खोल देंगी।
8 जनवरी को ईडी ने TMC के आईटी सेल प्रमुख और I-PAC से जुड़े प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई। इसके बाद TMC ने दिल्ली से लेकर कोलकाता तक विरोध का बिगुल फूंक दिया। खुद ममता बनर्जी कोलकाता की सड़कों पर 9 जनवरी को उतरीं, मार्च निकाला और ईडी के खिलाफ दो एफआईआर भी दर्ज कराईं।

ममता सिर्फ विरोध तक नहीं रुकीं। वह रेड के दौरान जांच स्थल पर भी पहुंचीं और वहां से फाइलें और पेन ड्राइव लेकर बाहर आईं। उनका कहना था कि ईडी उनके पार्टी के संवेदनशील चुनावी डेटा और रणनीति चुराने की कोशिश कर रही थी।
ममता बनर्जी बोलीं- 'मेरे पास अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव हैं, सबूत हैं'
भीड़ को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बेहद तीखे शब्दों में कहा कि उनके पास अमित शाह से जुड़े पेन ड्राइव हैं। उनका दावा था कि कोयला घोटाले का पैसा दिल्ली तक पहुंचता है और इसमें सीधे गृह मंत्री का नाम जुड़ा है। ममता ने कहा कि वह अपने पद की गरिमा की वजह से अब तक चुप थीं, लेकिन अगर उन्हें उकसाया गया तो वह सबकुछ जनता के सामने रख देंगी।
उनका आरोप था कि इस घोटाले के पैसे का इस्तेमाल सुवेंदु अधिकारी ने किया और वही रकम अमित शाह तक पहुंचाई गई। ममता ने कहा कि पूरे देश को तब झटका लगेगा, जब ये सबूत सामने आएंगे।
ममता बनर्जी ने कहा,
''दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं तक कोयला घोटाले की रकम पहुंचती है। मेरे पास इसके सबूत हैं। अगर जरूरत पड़ी तो मैं इन्हें जनता के सामने पेश कर सकती हूं। कोयला घोटाले का पैसा सुवेंदु अधिकारी ने इस्तेमाल किया और अमित शाह को भेजा। मैं ऐसे तो प्रतिक्रिया नहीं देतीं, लेकिन अगर कोई मुझे छेड़ता है तो मैं छोड़ती नहीं हूं।''
ममता ने कहा,
"मेरे पास पेन ड्राइव हैं। मैं जिस कुर्सी पर बैठी हूं, उसकी इज्जत करते हुए चुप रही हूं। मुझ पर ज्यादा दबाव मत डालो। मैं सब कुछ बता दूंगी। पूरा देश चौंक जाएगा।"
बीजेपी नेताओं पर सीधे हमले
ममता ने सिर्फ अमित शाह का ही नहीं, बल्कि बंगाल के कई बीजेपी नेताओं का भी नाम लिया। उन्होंने सांसद जगन्नाथ सरकार को "डकैत" कहा और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को "गद्दार" और अमित शाह का "नया दत्तक पुत्र" बताया। ममता का आरोप था कि कोयला घोटाले का पैसा इन्हीं रास्तों से घूमकर ऊपर तक गया।
उन्होंने बीएसएफ और सीआईएसएफ पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर ये एजेंसियां ईमानदारी से काम करतीं तो अवैध कोयला तस्करी रुक सकती थी।
चुनाव आयोग और SIR पर भी निशाना
ममता ने एक और बड़ा आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में बैठा एक अधिकारी पहले अमित शाह के सहयोगी विभाग में काम कर चुका है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी व्यक्ति से निजी आपत्ति नहीं है, लेकिन जिस तरह हरियाणा और बिहार में सत्ता हासिल की गई, वही मॉडल अब बंगाल में लागू किया जा रहा है।
उन्होंने SIR के नाम पर बंगाली बोलने वालों को परेशान करने का आरोप लगाया। ममता का कहना था कि बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं तक को नहीं छोड़ा जा रहा और बंगालियों को बांग्लादेशी कहा जा रहा है, जबकि असम में रोहिंग्या होने के बावजूद वहां ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
दिल्ली में TMC सांसदों का हंगामा
कोलकाता के साथ-साथ दिल्ली भी गरमाई रही। TMC के आठ सांसद गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद नारे लगाते दिखे। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और कुछ सांसद गिर भी पड़े। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया।
ममता बनर्जी ने इस पर X पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि विरोध करना चुने हुए प्रतिनिधियों का लोकतांत्रिक अधिकार है। सांसदों को सड़कों पर घसीटना कानून नहीं, बल्कि सत्ता का अहंकार दिखाता है।
राजनीति के बीच घिरा बंगाल
ईडी की रेड से शुरू हुई यह कहानी अब सीधे केंद्र बनाम राज्य की लड़ाई बन चुकी है। ममता बनर्जी अपने पेन ड्राइव वाले दावे पर अड़ी हैं और बीजेपी इन आरोपों को सियासी ड्रामा बता रही है। लेकिन इतना तय है कि बंगाल की सियासत में यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने वाला है।












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