CBI विवाद: खड़गे पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, कहा-आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजना असंवैधानिक
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा को जबरदस्ती छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। खड़गे ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के केन्द्र के फैसले को अवैध और सीबीआई एक्ट का उल्लंघन करार दिया है। मोदी सरकार के इस फैसले के खिलाफ शनिवार को खड़गे ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर इस आदेश को निरस्त करने की मांग की।

CVC के पास सीबीआई निदेशक के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं
कांग्रेस के नेता खड़गे ने अपनी याचिका में कहा कि अधिनियम के मुताबिक सीबीआई निदेशक की नियुक्ति या उसे हटाने के बारे में नेता प्रतिपक्ष, प्रधानमंत्री और प्रधान न्यायाधीश की तीन सदस्यीय समिति को ही अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के पास सीबीआई निदेशक के खिलाफ कार्रवाई का कोई अधिकार नहीं है। बता दें कि, खड़गे सीबीआई निदेशक की नियुक्ति करने वाली समिति के सदस्य भी हैं।

राकेश अस्थाना कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं
खड़गे ने कहा कि यह एक स्वायत्त संस्था में साफ-साफ पीएमओ के हस्तक्षेप का मामला है, इसलिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। देश की सर्वोच्च जांच संस्था जो अहम मामलों की जांच करती है, वह खुद आज जांच की अग्निपरीक्षा से गुजर रही है। अब स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ सीबीआई के एडिशनल एसपी एसएस गुरम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस याचिका में उन्होंने कहा कि अस्थाना के खिलाफ 15 अक्टूबर को सीबीआई में दर्ज एफआईआर बिल्कुल सही है। राकेश अस्थाना कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं।

कांग्रेस आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के विरोध कर रही है
इस पूरे मामले में सरकार से लेकर विपक्ष में घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस ने पिछले दिनों देशभर में सीबीआइ मुख्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, दिल्ली में सीबीआइ मुख्यालय के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कांग्रेसी नेताओं के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। राहुल गांधी ने इस दौरान सांकेतिक गिरफ्तारी भी दी थी।












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