मालेगांव ब्लास्ट केस में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कर्नल श्रीकांत पुरोहित, SIT जांच की मांग
नई दिल्ली। साल 2008 में मालेगांव ब्लास्ट मामले को लेकर आरोपी कर्नल श्रीकांत पुरोहित की याचिका पर सोमवार को होने वाले सुनवाई टल गई है। दरअसल जस्टिस यू यू ललित ने पुरोहित की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। इस इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच करेगी। बता दें कि पुरोहित ने अपनी याचिका में खुद को साजिश के तहत फंसाए जाने के आरोप लगाया है। इसके साथ-साथ उन्होंने इस मामले की SIT जांच की मांग की है वो भी कोर्ट की निगरानी में। इससे पहले पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने उपर लगे गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम को चुनौती दी थी।

बॉम्बे हाईकोर्ट से याचिका खारिज
इससे पहले कर्नल पुरोहित और समीर कुलकर्णी की याचिका को बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारीज कर दिया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्ते के भीतर जवाब देने के लिए कहा था। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी कर्नल पुरोहित को लेकर दिए बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को पटलते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। पुरोहित पिछले 9 साल से जेल में थे। पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलील दी थी कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसया गया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में बाइक में लगाकर बम विस्फोट किया गया था। इस ब्लास्ट में 8 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 80 लोग घायल हो गए थे। इसके बाद में इस मामले में साध्वी और कर्नल पुरोहित को 2008 में गिरफ्तार किया गया। जांच एजेसी एनआईए के मुताबिक पुरोहित ने उस बैठक का हिस्सा में जिसमें इस ब्लास्ट को लेकर साजिश रची जा रही थी। हालांकि पुरोहित ने दलील दी थी एनआईए जांच में भेदभाव कर रही है और उन्हें घसीट रही है।
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