Mahua Moitra Case: जांच के बाद 'उचित फैसला', महुआ मोइत्रा पर TMC दे रही है क्या संकेत?

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के मामले में उनकी पार्टी ने कहा है कि उनके खिलाफ लगे आरोपों के मामले में संसदीय समिति की जांच पूरी होने के बाद ही वह कोई 'उचित फैसला' लेगी। रविवार को यह बयान देने के लिए पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन को आगे किया है।

टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा है कि जब पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों की जांच संसदीय समिति पूरा कर लेगी, तो टीएमसी नेतृत्व उचित निर्णय करेगा। बीजेपी मोइत्रा को लेकर टीएमसी पर चुप्पी का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ मोर्चा खोली हुई है, जिसके बाद पार्टी की ओर से यह बयान दिया गया है।

tmc on mahua moitra

महुआ के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद उचित फैसला लेगी पार्टी- टीएमसी
डेरेक ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा है कि पार्टी ने 'मीडिया में आ रही रिपोर्ट देखी हैं...' उन्होंने कहा, 'पार्टी नेतृत्व की ओर से संबंधित सदस्य को सलाह दी गई है कि वह उनके खिलाफ लगे आरोपों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। वह पहले ही ऐसा कर चुकी हैं। हालांकि, एक चुनी हुई सांसद से मामला जुड़े होने की वजह से, उनके अधिकारों और विशेषाधिकारों को देखते हुए, मामले को संसद के प्लेटफॉर्म पर जांच होने दीजिए, इसके बाद पार्टी नेतृत्व एक उचित फैसला लेगा।'

टीएमसी खुद को इस मामले से अलग रख रही है
वैसे यह विवाद करीब एक हफ्ते से चल रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या उनकी पार्टी ने इसपर स्पष्टता के साथ कोई टिप्पणी करने से परहेज ही किया है। शनिवार को पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा था, इस मामले में 'एक भी शब्द नहीं कहेंगे....।' उन्होंने कहा, 'वह व्यक्ति (मोइत्रा) ही मुद्दे के बारे में समझा सकता है या फिर जवाब दे सकता है...। हम मामले को देख रहे हैं और जानकारियां जुटा रहे हैं, लेकिन हम अभी कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं।'

इसके बाद रविवार को जो पार्टी की ओर से कहा गया है, उससे लगता है कि टीएमसी इस विवाद से खुद को पूरी तरह से अलग रखना चाहती है। जांच में अगर महुआ के खिलाफ कुछ बातें निकलीं तो पार्टी उनपर कार्रवाई भी कर सकती है। यही है कि भाजपा के हमले के बाद उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी है।

बीजेपी टीएमसी से कर रही है महुआ के खिलाफ कार्रवाई की मांग
दरअसल, बीजेपी इस मुद्दे को लेकर लगातार टीएमसी नेतृत्व को निशाने पर ले रही है। पार्टी ममता बनर्जी की पार्टी पर सवाल उठा रही है कि इतना गंभीर मामला होने के बावजूद उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं कर रही है?

इससे पहले बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स (ट्विटर) पर सवाल किया था, 'महुआ मोइत्रा पर टीएमसी का आधिकारिक स्टैंड है कि हम टिप्पणी नहीं करेंगे। कहा है कि सांसद अपना बचाव खुद करेंगी। क्या इसका मतलब, 1) टीएमसी स्वीकार करती है कि महुआ मोइत्रा ने रिश्वत के बदले में एक प्रतिद्वंद्वी कॉर्पोरेट कंपनी की ओर से विदेशी धरती से इस्तेमाल होने के लिए अपना लॉग-इन देने जैसे गंभीर उल्लंघन किए हैं? '2) अगर ऐसा है तो टीएमसी ने अभी तक उन्हें बर्खास्त करने की जगह क्यों रखा है?'

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत पर हो रही है जांच
दरअसल, झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा पर दुबई में रहने वाले दर्शन हीरानंदानी से संसद में सवाल पूछने के बदले रिश्वत के रूप में कैश और महंगे गिफ्ट लेने के आरोप लगाए हैं। उनपर संसद से जुड़े उनके लॉग-इन और पासवर्ड भी हीरानंदानी को देने के आरोप लगे हैं। हालांकि, मोइत्रा ने इन आरोपों का खंडन किया है।

दुबे ने इस मामले में उनके खिलाफ लोकपाल जांच की भी मांग की है। उधर अपने हलफनामे में हीरानंदानी ने भी दावा किया है कि महुआ ने उनसे महंगे गिफ्ट मांगे हैं। उन्होंने इन आरोपों पर भी हामी भरी है कि महुआ ने उन्हें संसद के लॉग-इन पासवर्ड उपलब्ध कराए थे और चर्चा में बने रहने के लिए अडाणी ग्रुप को निशाना बनाया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+