यूपी में 'महेश' या 'महेन्द्र' हो सकते हैं भाजपा के सीएम कैंडिडेट
भारतीय जनता पार्टी ने केशव प्रसाद मौर्या को नियुक्त कर लोगों को अचंभित कर दिया था। बहुत जल्द सीएम कैंडीडेट के रूप में आपको चौंकाने वाली खबर मिलने वाली है। किसी के लिये हो न हो, उनके लिये खबर चौंकाने वाली जरूर होगी, जो स्मृति ईरानी, योगी आदित्यनाथ, राजनाथ के बेटे पंकज सिंह या वरुण गांधी को सीएम कैंडिडेट ेंमानकर चल रहे हैं। क्योंकि भाजपा के अगला सीएम कैंडिडेट महेश शर्मा या फिर डा. महेंद्र सिंह में से एक होंगे।
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डा. महेंद्र सिंह और महेश शर्मा का पार्टी में कितना ऊंचा कद है और क्यों ये सीएम पद के प्रबल दावेदार बन सकते हैं, चलिये जानने की कोशिश करते हैं-
कौन हैं डॉ. महेंद्र सिंह?
महेंद्र सिंह भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश के नेता है। वह उत्तर प्रदेश के विधान परिषद के सदस्य हैं। वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी, असम के प्रभारी हैं। 16 मई 1970 जन्में महेंद्र सिंह ने लखनऊ विश्वविद्यालय से 1992 में स्नातक किया।

माना जाता है कि असम में कांग्रेस के 9 विधायक जिन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया उसमें भी डॉ0 महेंद्र सिंह की अहम् भूमिका रही। भाजपा में शामिल होने वाले विधायक बोलिन चेतिया, प्रदान बरुआ, पल्लब लोचन दास, राजन बोरठाकुर, पीयूष हजारिका, कृपानाथ मल्लाह, अबु ताहिर बेपारी, बिनंदा सैकिया और जयंत मल्लाह बरुआ हैं।
शाह के प्रिय हैं 'महेन्द्र सिंह'
मौजूदा स्थितियों और भाजपा की सियासी सोच के हिसाब से कहीं न कहीं डॉ0 महेंद्र सिंह पर पार्टी हाईकमान की निश्चित तौर पर नजर है। बताया जाता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के विशेष प्रिय डॉ. महेंद्र सिंह हैं। डॉ. सिंह अपनी वाणी दक्षता और सरल स्वभाव के बल पर केंद्रीय राजनीति में अपना स्थान बना चुके हैं। साथ ही वे प्रदेश संगठन में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
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सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अमित शाह ने डॉ. सिंह को उस समय असम का प्रभारी बनाया, जब संगठन में इनके पास कोई पद नहीं था। इससे एक बात तो तय है कि अब तक असम चुनाव में भाजपा की स्थिति देखकर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 महेंद्र पर बड़ा दांव खेल सकते हैं। यह दांव सवर्ण वोट बैंक के लिए भी खुद को मजबूत साबित करने वाला है।
'महेश शर्मा' विकल्प पर मोदी और शाह एक साथ
सीएम कैंडीडेट की फेहरिस्त में नोएडा से सांसद और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा का नाम भी सबसे ऊपर ही नजर आ रहा है। आपको बताते चलें कि महेश शर्मा की भारतीय जनता पार्टी में खास पहचान है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी भी महेश शर्मा पर काफी भरोसा करते हैं। और यदि दूसरी वजह पर गौर किया जाए तो वो यह है कि शर्मा काफी समय से आरएसएस से भी जुड़े हुए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी की मानें तो आरएसएस, मोदी, शाह की सहमति के साथ ही महेश शर्मा को बीजेपी में बतौर सीएम कैंडीडेट चुनावी समर में उतारा जा सकता है। हां यदि राजनीति में जातिवाद का कॉकटेल चला तो शर्मा की बजाए सिंह के बीजेपी की ओर से सीएम कैंडीडेट घोषित होने के अवसर ज्यादा हैं।












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