महाराष्ट्र: शिवसेना के साथ जारी खींचतान के बीच 2 निर्दलीय विधायक आए भाजपा के साथ
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला है लेकिन इन दोनों दलों के बीच सीएम पद और सरकार में भागीदारी को लेकर पेंच फंसा हुआ है। शिवसेना 50-50 के फॉर्मूले पर अड़ी है और इसको लेकर वह बीजेपी पर दबाव बना रही है। वहीं, सरकार बनाने को लेकर जारी उठापटक के बीच खबर आ रही है कि दो निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी और देवेंद्र फडणवीस को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है।

दो निर्दलीय विधायकों का बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान
महाराष्ट्र में किसी भी दल को बहुमत ना मिलने के बाद निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम हो गई है। इस बीच, दो निर्दलीय विधायकों विनोद अग्रवाल और महेश बालदी ने देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान किया है, जिसके बाद महाराष्ट्र में सियासी हलचल और बढ़ने के आसार हैं। बता दें कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया था कि कई निर्दलीय भाजपा को समर्थन देने को तैयार हैं।
बीजेपी और शिवसेना के बीच जारी है खींचतान
निर्दलीय उम्मीदवार महेश बालदी उरण विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं, जबकि गोंदिया सीट से निर्दलीय उम्मीदवार विनोद अग्रवाल ने बीजेपी के गोपालदास अग्रवाल को हराया था। इसके पहले, एनसीपी समर्थित निर्दलीय विधायक शंखराव गडख ने भी शिवसेना को अपना समर्थन देने का ऐलान किया था। दरअसल, चुनाव नतीजे आने के बाद शिवसेना ने बीजेपी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

बीजेपी 105 और शिवसेना 56 सीटों पर जीतीं
24 अक्टूबर को नतीजे सामने आने के बाद किसी एक दल को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हो सका था। हालांकि भाजपा को कुल 105 सीटों पर जीत मिली थी और वह सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आई थी। जबकि शिवसेना को कुल 56 सीटों पर जीत मिली थी। बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन अब शिवसेना चाहती है कि प्रदेश में ढाई साल तक उनका मुख्यमंत्री हो और ढाई साल तक भाजपा का। शिवसेना नेता संजय राउत ने भाजपा को चेतावनी भी दी है कि सरकार गठन के अन्य विकल्प तलाशने पर बीजेपी उन्हें मजबूर ना करे।












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