भीमा-कोरेगांव: गौतम नवलखा की रिहाई के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। महाराष्ट्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें कोर्ट ने भीमा कोरेगांव हिंसा से संबंध रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को रिहा करने का आदेश दिया था। राज्य सरकार इस मामले को सीजेआइ के सामने ले जाकर दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक और गौतम नवलखा के हाउस अरेस्ट को बहाल करने के निर्देश की मांग करेगी। बता दें कि, नवलखा को दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को हाउस अरेस्ट से रिहा कर दिया था।

महाराष्ट्र सरकार के वकील निशांत कटनेश्वर ने कहा, दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने के लिए बुधवार को याचिका दाखिल की गई है। याचिका में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाकर तुरंत हाउस अरेस्ट के आदेश बहाल करने की मांग है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला गलत है। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में ट्रांजिट रिमांड को चुनौती नहीं दी गई थी। ये हैवियस कॉरपस याचिका थी।
बता दें कि, दिल्ली हाईकोर्ट ने 1 अक्टूबर को कहा था कि नवलखा को 24 घंटे से अधिक समय से हिरासत में रखा गया, जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के हाल में दिए उस फैसले के बाद आया, जिसमें नवलखा और चार अन्य को कोर्ट ने उनकी नजरबंदी को और चार सप्ताह के लिए बढ़ा दिया था।
गौरतलब है कि नवलखा को दिल्ली में 28 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। अन्य चार कार्यकर्ताओं को देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया गया था। नवलखा को दक्षिणी दिल्ली के नेहरू एंक्लेव के उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था।












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