SC पहुंचा महाराष्ट्र का सियासी संकट, सिब्बल ने कहा-आज ही हो बहुमत परीक्षण
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बीजेपी ने एनसीपी नेता अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बना ली है। इस सरकार का गठन होने के बाद से ही मुश्किल बढ़ गई है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने याचिका दाखिल कर इस सरकार गठन के तरीके पर सवाल उठाया है और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

आज सुबह 11:30 बजे सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच इस पर सुनवाई शुरू कर दी। जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस खन्ना की बेंच कर रही है सुनवाई। कपिल सिब्बल शिवसेना की तरफ से, अभिषेक मनु सिंधवी एनसीपी की तरफ से और देवदत्त कामत कांग्रेस की तरफ से पेश हो रहे हैं। के. के. वेणुगोपाल और तुषार मेहता केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पेश हो रहे हैं।
याचिका में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसमें उन्होंने सूबे में सरकार बनाने के लिए देवेंद्र फडणवीस को आमंत्रित किया था। जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच सुनवाई करेगी।
अपनी याचिका में तीनों पार्टियों ने दावा किया है कि 288 विधानसभा सीट वाले विधानसभा चुनाव में 154 विधायकों का समर्थन उनके पास है। अब तीनों पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वो इस मानले तो जल्दी से कार्रवाई करें। उन्होंने अपील की है कि प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति की जाए और तुरंत फ्लोर टेस्ट कराया जाए।












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