गाय के पेट से सर्जरी के बाद निकला 65 किलो प्लास्टिक कचरा, हाथ चाटकर गाय ने डॉक्टरों का जताया आभार
मदुरै में एक गाय बीमार हो गई थी और बछड़े के जन्म के बाद से उसने चारा खाना भी बंद कर दिया था। जिसके बाद मालिक ने उसे पशु चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसके पेट से 65 किलो कचरा निकाला

मदुरै में सरकारी पशु चिकित्सकों ने एक सर्जरी के दौरान एक गाय के पेट से 65 किलो का कचरा निकाला है। इसमें ज्यादातर कचरा प्लास्टिक था। फिलहाल सर्जरी के बाद गाय ठीक हो गई है । जानकारी के मुताबिक वडक्कू मासी गली के डेयरी किसान महेश्वरन ने एक साल पहले पशु मेले से गिर नस्ल की गाय खरीदी थी।
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चारा छोड़ने के बाद डॉक्टरों के पास गाय लेकर पहुंचे महेश्वरन
महेश्वरन जब गाय खरीद रहे थे। उसका पेट सामान्य से ज्यादा फूला हुआ था। इस पर उन्होंने मेले में गाय बेचने वाले व्यापारी से इसको लेकर सवाल किया तो उसने कहा कि गिर गाय अन्य गायों की अपेक्षा ज्यादा भारी होती हैं। इसलिए उनका पेट फूला रहता है। व्यापारी के झांसे में आकर महेश्वरन ने गाय खरीद ली। महेश्वरन के यहां आने पर गाय ने एक बछड़े को जन्म दिया।

डॉक्टरों ने नहीं थी इतना कचरा निकलने की उम्मीद
हालांकि, बछड़े के जन्म के अगले दिन से गाय ने चारा खाना भी छोड़ दिया और उसका पेट पहले की तरह की फूला था। इस पर महेश्वरन गाय को लेकर पॉलीक्लिनिक में गए। जहां पशु चिकित्सकों ने गाय का विभिन्न तरह की जांच की। मुख्य चिकित्सक डॉ. के वैरावसामी ने कहा कि जांच से पेट के अंदर कचरे के बारे में पता चला। लेकिन हमने कल्पना नहीं की थी कि हम इसके पेट से लोहे की कील, नट, बोल्ट और सिक्कों सहित इतना प्लास्टिक का कचरा निकलेगा।

डॉ. नटराजकुमार के निर्देशन में हुई सर्जरी
पशुपालन के संयुक्त निदेशक डॉ. नटराजकुमार के निर्देशानुसार सर्जरी की गई। 22 नवंबर को पशु चिकित्सकों डॉ. एसआर मुथुराम, डॉ. एम मुथुरमन, डॉ. एन अरिवलगन, डॉ. जे विजयकुमार और पशुधन निरीक्षकों और पशुपालन सहायकों की एक टीम की तरफ से सर्जरी की गई थी। वहीं, सर्जरी के 72 घंटे बाद तक गाय को सिर्फ तरल पदार्थ ही दिया गया।

सर्जरी के बाद गाय ने हाथ चाटकर जताया आभार
डॉक्टरों के मुताबिक सर्जरी के बाद गाय को आराम मिला। इसके बाद उसने दिल छूने वाला रिएक्शन दिया। गाय प्यार से डॉक्टरों के हाथ को चाटने लगी। वहीं, किसान ने भी डॉक्टरों पर भरोसा करके उसे उन्हीं के पास छोड़ दिया। फिलहाल गाय डॉक्टरों की निगरानी में है।












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