मध्यप्रदेश में फंसा भाजपा का पेंच, क्या "कोई माई का लाल" ही है जिम्मेदार?
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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 के लिए मतगणना का काम जारी है। ताजा रुझानों में कांग्रेस 107 और भाजपा 110 सीटों पर आगे बढ़ती दिख रही है। मतलब प्रदेश में त्रिशंकु सरकार के असार बनते दिख रहे हैं। यह स्थिति ठीक उसी तरफ जा रही है, जिसकी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा ने 11 दिसंबर को होने वाली काउंटिंग से ठीक एक दिन पहले ध्यान आकर्षित किया था। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई कि जिसमें उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर कहा, 'कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता।' रघुनंदन शर्मा ने दावा किया शिवराज सिंह के एक बयान ने कम से कम भाजपा की 10 से 15 सीटें कम कर दी हैं।

जीत का श्रेय शिवराज को तो हार की भी जिम्मेदारी उनकी: रघुनंद शर्मा
रघुनंदन शर्मा ने सोमवार को शिवराज सिंह चौहान पर हमला करते हुए कहा, 'यदि जीत का श्रेय शिवराज को दिया जाएगा तो हार की जिम्मेदारी भी उनकी ही होगी।' उन्होंने आरोप लगाया कि शिवराज के बयान ने अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी। रघनंद शर्मा ने आगे कहा, 'हो सकता है कि हमने गलतियां की हों, इसलिए एग्जिट पोल ऐसे आए हैं। हालांकि, ये गलत साबित हो सकते हैं, लेकिन यह हमारी उम्मीदों पर खरे भी नहीं उतरते। 200 प्लस सीटें तो छोड़िए, हमें पिछली बार जितनी सीटें मिली थीं, उतनी भी इस बार आ जाएं तो हम संतुष्ट होंगे।'

एग्जिट पोल्स के बाद बोले थे शिवराज-मुझसे बड़ा सर्वेयर कौन?
रघुनंद शर्मा ने इतना दावा जरूर किया कि मध्य प्रदेश में भाजपा को बहुमत जरूर मिलेगा। रघुनंद शर्मा का यह बयान एग्जिट पोल्स के बाद आया था। एग्जिट पोल्स के बाद शिवराज सिंह चौहान का भी बयान आया था। उन्होंने कहा था, 'मुझसे बड़ा सर्वेयर कौन है। मैं दिन-रात जनता के बीच रहता हूं। प्रदेश में भाजपा की सरकार बन रही है।'

भोपाल में कही थी शिवराज ने 'कौन माई का लाल' वाली बात
भोपाल में एक सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया था। शिवराज ने कहा था कि प्रदेश में 'कोई माई का लाल' आरक्षण नहीं हटा सकता। इस बयान के बाद से शिवराज अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए थे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मानें तो शिवराज को इलेक्शन टाइम में आरक्षण जैसा संवदेशनशील मुद्दा नहीं छेड़ना चाहिए था।












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