नवंबर में ट्विटर स्टेटस बदलकर दे दिए थे संकेत, सफाई में कहा था कांग्रेस नहीं छोड़ रहा
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में अबतक का सबसे बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। इसका केंद्र कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस का वरिष्ठ नेता माना जाता था, लेकिन जिस तरह से पार्टी में उनकी अनदेखी हुई और मध्य प्रदेश में कमलनाथ के साथ उनके संबंध में तनातनी चल रही थी, उसकी वजह से उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। दरअसल यह पूरा घटनाक्रम एकदम से नहीं हुआ है। ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी उस वक्त भी सामने आई थी जब सिंधिया ने ट्विटर पर अपना बायो बदला था। एक बार फिर से उन्होंने अपना बायो बदल दिया है।

लोकसेवक और क्रिकेट प्रेमी
सिंधिया ने अपना बायो बदलकर अब उसे लोक सेवक और क्रिकेट प्रेमी लिख दिया है। इससे पहले उनके बायो में लिखा था पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व सांसद। लेकिन अब सिंधिया ने इसे बदलकर सिर्फ लोकसेवक और क्रिकेट प्रेमी लिख दिया है। इससे पहले उन्होंने पिछले वर्ष नवंबर माह में सिंधिया ने अपना बायो बदला था और उसमे कहीं भी कांग्रेस का जिक्र नहीं था, जिसके बाद सवाल खड़े होने लगे थे कि आखिर क्यों सिंधिया के बायो में कांग्रेस का जिक्र नहीं है।

बायो बदलने पर दी थी सफाई
हालांकि उस वक्त ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसपर सफाई देते हुए कहा था कि मुझे नहीं पता है कि इस बात को इतना तूल क्यों दिया जा रहा है। मैंने इसे एक महीने पहले बदला था। इसे बदलने की वजह यह थी कि लोग कह रहे थे कि बायो काफी लंबा है। अहम बात यह है कि सिंधिया का कांग्रेस से इस्तीफे की खबर आ सामने आई है। दिलचस्प बात यह है कि यह इस्तीफा 9 मार्च लेकिन 10 मार्च को यह सामने आया है। ऐसे में साफ है कि सिंधिया ने पहले ही यह फैसला ले लिया था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद साफ हो गया कि सिंधिया कांग्रेस से अलग हो गए हैं।

विधानसभा में 230 सीटें
दरअसल इस वक्त एमपी में 230 विधानसभा सीटें हैं लेकिन दो विधायकों के निधन हो जाने के चलते विधानसभा की मौजूदा सीट 228 हो गई है, किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए मैजिक नंबर 115 चाहिए होता है और जो तस्वीर इस वक्त विधानसभा में है उसके मुताबिक कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं, जिसमें से 4 निर्दलीय, 2 बहुजन समाज पार्टी और एक समाजवादी पार्टी विधायक का समर्थन ीै4मिला हुआ है, यानी मौजूदा स्थिति में कांग्रेस के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन है जबकि बीजेपी के पास 107 विधायक हैं।












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