दिल्ली के बाद लुधियाना को दहलाने की थी साजिश! ISI और बिश्नोई गैंग का 'टेरर प्लान' फेल, 2 आतंकी दबोचे
Ludhiana Police Encounter: पंजाब पुलिस ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर लाडोवाल टोल प्लाजा के पास एक स्पेशल ऑपरेशन चलाया। इस दौरान पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित एक गैंगस्टर-आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने पहले हरियाणा और बिहार से कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के दौरान मिली अहम जानकारी और बरामद हैंड ग्रेनेड्स से इस नेटवर्क का सुराग मिला। इसी आधार पर पुलिस ने लाडोवाल के पास जाल बिछाया।

जैसे ही पुलिस संदिग्धों के करीब पहुंची, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो संदिग्ध घायल हो गए। घायलों को पहले निजी अस्पताल और बाद में सिविल अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
मौके से पुलिस को हथियारों का जखीरा मिला है, जिससे यह साफ होता है कि यह गिरोह किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने वाला था। बरामदगी में शामिल हैं:
- 2 चीनी (Chinese-made) ग्रेनेड
- 5 पिस्तौल
- 50 से अधिक कारतूस
किसी बड़े हमले की थी प्लानिंग
पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने मौके पर पहुंचकर पुष्टि की कि यह टेरर मॉड्यूल पाकिस्तान की ISI के समर्थन से काम कर रहा था और किसी बड़े हमले की योजना बना रहा था।
पंजाब में पिछले एक हफ्ते में हिंसक घटनाओं में तेजी आई है। 19 और 20 नवंबर को अमृतसर और फिरोजपुर में भी पुलिस मुठभेड़ हुई थीं:
1. अमृतसर एनकाउंटर: पुलिस ने हरजिंदर सिंह उर्फ 'हैरी' को ढेर कर दिया। वह जमानत पर बाहर था और पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगवाने और ISI से जुड़े होने का आरोपी था। उसका साथी सन्नी मौके से फरार हो गया।
2. फिरोजपुर एनकाउंटर: पुलिस ने 15 नवंबर को हुए RSS कार्यकर्ता नवीन कुमार अरोड़ा की हत्या के मास्टरमाइंड गुरसिमरन उर्फ 'जतिन काली' को गिरफ्तार किया। पुलिस का पीछा करते समय उसने गोलीबारी की, जिसके जवाब में उसे तीन गोलियां लगीं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
क्या दिल्ली के बाद लुधियाना को दहलाने की थी साजिश!
दरअसल, राजधानी दिल्ली में हुए धमाके की जांच की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि पंजाब पुलिस ने लुधियाना में एक और बड़ी आतंकी साजिश को वक्त रहते नाकाम कर दिया है। दिल्ली ब्लास्ट की परतें खुलने के बीच, ISI और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो गुर्गों का हथियारों के साथ पकड़े जाना इस आशंका को गहरा करता है कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है।
अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच इन दो संभावनाओं पर टिक गई है- पहली यह कि क्या दिल्ली में दहशत फैलाने वाला नेटवर्क ही लुधियाना में 'पार्ट-2' को अंजाम देने की फिराक में था? और दूसरी, क्या सीमा पार बैठी ISI ने बिश्नोई गैंग के साथ मिलकर उत्तर भारत के कई शहरों को एक साथ दहलाने का कोई 'कोऑर्डिनेटेड प्लान' तैयार किया था, जिसे पुलिस की मुस्तैदी ने विफल कर दिया?












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