लोकसभा चुनाव 2024: BJP के वे दिग्गज MP जो उम्मीदवारों की लिस्ट से हो गए गायब, अभी और बढ़ेंगे नाम!
BJP's candidate list Names of missing MPs: भारतीय जनता पार्टी इस बार काफी लंबे समय से अपने मौजूदा सांसदों का फीडबैक ले रही थी। पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अबतक उम्मीदवारों की जो 5 लिस्ट जारी की है, उसमें से कई मौजूदा सांसदों के टिकट कट गए हैं। इनमें से कई नाम काफी चर्चित हैं।
बीजेपी ने अबतक उम्मीदवारों 5 लिस्ट में कुल 402 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। इनमें से कुछ नाम बहुत ही चौंकाने वाले हैं। लेकिन, कई मौजूदा सांसद का टिकट कटना उससे भी ज्यादा चौंकाने वाला फैसला है। अलग-अलग सांसदों के टिकट कटने की अलग-अलग वजहें रही हैं। लेकिन, ज्यादातर मामलों में संबंधित सांसदों के खिलाफ मौजूद एंटी-इंकंबेंसी को बड़ा फैक्टर माना जा रहा है।

भाजपा के कई दिग्गज सांसद हो गए साइडलाइन
बीजेपी की पांचवीं लिस्ट में यूपी की पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी का नाम नहीं है। उनके बारे में माना जा रहा है कि भाजपा में रहकर पार्टी और सरकार विरोधी तेवर की वजह से उनका पत्ता साफ हो गया है। वहीं 2014 से लगातार दो बार गाजियाबाद सीट पर धमाकेदार जीत दर्ज करने वाले जनरल वीके सिंह (रिटायर्ड) ने नाम घोषित करने से कुछ देर पहले ही खुद को मैदान से अलग करने का ऐलान कर दिया था।
जनरल वीके सिंह (रिटायर्ड) मोदी सरकार के दोनों कार्यकाल में महत्वपूर्ण मंत्रालयों से जुड़े रहे हैं। लेकिन, फिर उनकी जगह पर एमएलए अतुल गर्ग पर दांव लगाना दिलचस्प लग रहा है। वहीं, बिहार की बक्सर सीट से अश्विनी चौबे का नाम कट गया है तो मुजफ्फरपुर से अजय निषाद का पत्ता साफ किया है। चौबे के खिलाफ उनके क्षेत्र के कार्यकर्ता ही नाराज बताए जा रहे थे। वहीं मुजफ्फरपुर में पार्टी ने डॉ राज भूषण चौधरी निषाद पर भाग्य आजमाया है।
संसद घुसपैठ की वजह से नप गए प्रताप सिम्हा!
कर्नाटक की मैसूर सीट से पार्टी के प्रभावशाली सांसद प्रताप सिम्हा का टिकट कटने का अलग कारण माना जा रहा है। 2023 के दिसंबर में संसद में जिस तरह से उनके हस्ताक्षर से पास लेकर घुसपैठिए संसद में घुसकर उत्पात मचा आए थे, उससे केंद्र सरकार की काफी किरकिरी हुई। माना जा रहा है कि इसी वजह से वे अपना टिकट गंवा बैठे हैं।
प्रताप सिम्हा की जगह भाजपा ने इस बार मैसूर राजघराने के सदस्य यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार पर दांव लगाया है। सिम्हा लगातार दो बार से मैसूर सीट से चुनाव जीत रहे थे।
'संविधान बदलने' वाली टिप्पणी ने बिगाड़ा हेगड़े का गेम!
इसी तरह से पार्टी ने कर्नाटक के ही उत्तर कन्नड़ लोकसभा सीट से 6 बार के सांसद अनंतकुमार हेगड़े को भी टिकट नहीं दिया है। माना जा रहा है कि उनके 'संविधान बदलने' वाली टिप्पणी की वजह से उनका टिकट हाथ से निकल गया है। उन्होंने 400 पार के नारे को संविधान बदलने से जोड़ दिया था, जिससे विरोधियों को पार्टी के खिलाफ हवा बनाने का मौका मिल गया।
दिल्ली में तो 7 में से 6 को बदल डाला
इससे पहले बीजेपी दिल्ली के 7 में से 6 सीटिंग सांसदों का टिकट काट चुकी थी। इसमें मीनाक्षी लेखी, डॉ हर्षवर्धन, प्रवेश वर्मा से लेकर रमेश बिधूड़ी तक के नाम शामिल हैं। माना जा रहा है कि बिधूड़ी और वर्मा का पत्ता विवादास्पद बयानों की वजह से कट गया है।
पार्टी ने नई दिल्ली सीट पर लेखी की जगह पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज पर विश्वास जताया है तो प्रवेश वर्मा की पश्चिमी दिल्ली सीट पर दक्षिणी दिल्ली की पूर्व मेयर कमलजीत शहरावत पर दांव आजमाया है।
गुजरात की सूरत सीट पर भी बदल गया चेहरा
बीजेपी ने मोदी सरकार की एक और मंत्री दर्शना जरदोस को भी गुजरात के सूरत से टिकट नहीं दिया है। उनकी जगह पार्टी ने इस बार मुकेशभाई चंद्रकांत दलाल की उम्मीदवारी पर भरोसा दिखाया है।
इन दिग्गजों पर भी भाजपा ने नहीं किया भरोसा
इसी तरह से पार्टी ने झारखंड की हजारीबाग सीट पर पूर्व वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा को भी तीसरी बार टिकट नहीं दिया है। जयंत तो बीजेपी से जुड़े रहे हैं, लेकिन उनके पिता यशवंत सिन्हा अपनी पुरानी पार्टी की ऐसी की तैसी करने में कोई कसर नहीं छोड़ते आए हैं। वहीं भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भी बीजेपी ने दोबारा टिकट नहीं देने का फैसला किया है।
कर्नाटक में बीजेपी ने जिन दिग्गजों का टिकट काटा है, उनमें पूर्व सीएम और पूर्व केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा, नलिन कुमार कटील और सीटी रवि जैसे नेता शामिल हैं।












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