Lok Sabha Poll: कौन है मजदूर की पत्नी Rekha Patra, जिन पर BJP ने TMC का गढ़ Basirhat ढहाने को लगाया दांव
Rekha Patra News: क्या संदेशखाली आंदोलन का चेहरा रेखा पात्रा पश्चिम बंगाल की बशीरहाट में BJP के लिए गेमचेंजर साबित होगी? क्या Basirhat Seat पर पहली बार कमल खिलेगा? क्या TMC की नुसरत जहां वाली सीट से भाजपा की रेखा पात्रा पहुंचेगी संसद? इन सवालों के जवाब 1 जून को होने वाले मतदान से EVM में बंद हो जाएंगे, जिनका पता 4 जून को मतगणना से चलेगा।
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में 1 जून को सातवें व आखिरी चरण का मतदान होगा। देश की सबसे चर्चित सीट वाराणसी समेत 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 57 सीटों पर मतदान होना है। उन्हीं में से लोकसभा का एक संसदीय क्षेत्र बशीरहाट है, जो पिछले दिनों संदेशखाली की वजह से भी सुर्खियों में रहा।

दिल्ली से 1 हजार 610 किलोमीटर की दूरी पर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बशीरहाट संसदीश क्षेत्र से भाजपा ने छोटा नदी द्वीप संदेशखाली पीड़िता को ही लोकसभा चुनाव 2024 के मैदान में उतार रखा है। रेखा पात्रा प्रवासी मजदूर की पत्नी है।
47 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रेखा पात्रा मीडिया से बातचीत में कहती हैं कि उनके पास पीएम नरेंद्र मोदी का कॉल आया। वो नौ मिनट उनकी जिंदगी के सबसे यादगार पल थे। पीएम मोदी की बातों से प्रेरित हुई रेखा पात्रा खुद मानती हैं कि उनको अंदाजा भी नहीं था कि भाजपा उन पर दांव लगाएगी।

पीएम मोदी ने रेखा पात्रा को शक्ति स्वरूपा कहा था। उसके बाद से विद्रोही तेवर दिखाते हुए रेखा पात्रा चुनाव मैदान में कूद पड़ी और टीएमसी समेत दलों के उम्मीदवारों को मात देने की जी-जान से कोशिश की। रेखा पात्रा ने ही बशीरहाट के संदेशखाली में टीएमसी के निलंबित नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगिता के कथित यौन शोषण और जमीन हड़पने के खिलाफ विद्रोह किया था।
बशीरहाट संसदीय क्षेत्र का इतिहास
- पश्चिम बंगाल में बशीरहाट संसदीय क्षेत्र को टीएमसी का गढ़ माना जाता है। लोकसभा चुनाव 2019 में बशीरहाट से टीएमसी उम्मीदवार नुसरत जहां को कुल मतों से 54.56 प्रतिशत वोट मिले थे।
- बशीरहाट लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा की रेखा पात्रा के अलावा सीपीआई(एम) के निरपदा सरदार, एआईटीसी के हाजी नूरुल इस्लाम व आईएसएफ के अख्तर रहमान बिस्वास भी मैदान में हैं।
- बशीरहाट संसदीय क्षेत्र में बदुरिया, हरोआ, मिनाखां, संदेशखाली, बशीरहाट दक्षिण, बशीरहाट उत्तर और हिंगलगंज जैसे सात विधानसभा क्षेत्र है। खास बात है कि सातों सीटों पर टीएमसी विधायक है।
- बशीरहाट लोकसभा सीट पर साल 2009 से टीएमसी का कब्जा है। इससे पहले यह सीट 1980 से 2009 तक सीपीआई के पास रही। 1977-80 में यहां से जनता पार्टी और 1971-77 तक कांग्रेस ने राज किया।












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