इस 'खास वजह' से कांग्रेस के घोषणा पत्र से नाराज हुईं सोनिया, मंच पर पार्टी के नेता को भी फटकारा
कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर सोनिया गांधी नाराज बताई जा रही हैं। उनकी नाराजगी की एक बड़ी वजह सामने आई है।
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस ने दावा है कि उनका घोषणा पत्र पूरी तरह से गरीबों, किसानों और बेरोजगार युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है और सत्ता में आने पर वो इसमें किया गया हर वादा पूरा करेंगे। वहीं, भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सैनिकों का मनोबल गिराने वाली बातों को शामिल किया है। इस बीच कांग्रेस के लिए एक और परेशानी पैदा करने वाली खबर आई है। दरअसल कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी नाराज बताई जा रही हैं।

ये है सोनिया की नाराजगी की वजह
सूत्रों के हवाले से खबर है कि सोनिया गांधी की नाराजगी कांग्रेस के घोषणा पत्र के कवर पेज को लेकर है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में कवर पेज पर लोगों की भीड़ दिखाई गई है और नीचे की तरफ छोटे साइज में हाथ का निशान और राहुल गांधी की फोटो लगी हुई है। इसके अलावा कवर पेज पर बड़े फॉन्ट साइज में घोषणा पत्र का शीर्षक लिखा हुआ है। सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी कवर पेज पर राहुल गांधी के छोटे साइज में फोटो को लेकर खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि कवर पेज पर राहुल गांधी का फोटो बड़े साइज में होना चाहिए था।

मंच पर पार्टी नेता को फटकारा
गौरतलब है कि मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी किया। हालांकि सोनिया गांधी ने घोषणा पत्र के लॉन्च कार्यक्रम में कोई सवाल नहीं उठाया, लेकिन वो पूरे कार्यक्रम के दौरान परेशान दिखीं। सोनिया गांधी ने कार्यक्रम में भाषण देने से भी इनकार कर दिया, जबकि पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेता पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और पी चिदंबरम ने भाषण दिया। सूत्रों का कहना है कि घोषणा पत्र जारी होने से पहले सोनिया गांधी इस मामले को लेकर पार्टी के नेता और कांग्रेस रिसर्च विभाग के हेड राजीव गौड़ा पर गुस्सा भी हुईं। सूत्रों के मुताबिक, मंच पर जाने से पहले सोनिया गांधी राजीव गौड़ा से इस बारे में अपनी नाराजगी जताते हुए भी देखी गईं। राजीव गौड़ा ने हालांकि उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन सोनिया उनकी बात से सहमत नजर नहीं आईं।

100 के बजाय 150 दिनों के काम की गारंटी
गौरतलब है कि कांग्रेस के घोषणा पत्र का मसौदा पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की अगुवाई वाली समिति ने तैयार किया है। घोषणा पत्र में राहुल गांधी ने युवाओं को रोजगार देने, कृषि और किसानों के संकट, जीएसटी संशोधन और गरीब परिवारों को 72,000 रुपये प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान करने की बात कही है। 55 पेज के घोषणा पत्र में कांग्रेस ने किसानों के लिए अलग बजट लाने, 22 लाख सरकारी रिक्त पदों को भरने और शिक्षा के लिए जीडीपी का 6 प्रतिशत देने का वादा किया है। इसके अलावा मनरेगा के तहत 100 के बजाय 150 दिनों के काम की गारंटी का भी आश्वासन दिया गया है।












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