Lok Sabha Elections 2019: आप-कांग्रेस के बीच इन शर्तों पर गठबंधन की राह तय- सूत्र
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में अब सिर्फ पांच दिन बचे हैं, लेकिन दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर अभी निर्णायक फैसला नहीं हो सका है। हालांकि सूत्रों की मानें तो पिछले कुछ दिनों से आप और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच मुलाकात का दौर चल रहा है। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता पीसी चाको और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह पिछले कुछ दिनों में कई दौर की बैठक कर चुके हैं।

सीटों पर चर्चा
सूत्रों की मानें की संजय सिंह और पीसी चाको के बीच बैठक के दौरान सीटों के बंटवारे पर बात हुई। लेकिन अभी तक दोनों के बीच दिल्ली और हरियाणा में साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर चर्चा हुई है। एक तरफ आप दिल्ली में पांच सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है तो दूसरी तरफ कांग्रेस चार सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। लिहाजा इस स्थिति से निपटने के लिए कांग्रेस ने आप को हरियाणा में एक सीट देने की बात कही है। हालांकि इस मुलाकात में अभी फिलहाल पंजाब में गठबंधन को लेकर बात नहीं बनी है। ऐसे में माना जा रहा है कि दिल्ली में आप और कांग्रेस 4-3 सीट के फार्मेूले पर चुनाव लड़ सकती है।

चुनाव बाद की शर्त
सूत्रों के अनुसार आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के सामने शर्त रखी है कि अगर लोकसभा चुनाव में पार्टी को जीत मिलती है तो दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा। पार्टी चाहती है कि सरकार बनने के छह महीने के भीतर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। साथ ही जबतक पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिलता है दिल्ली के एलजी चुनी हुई सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर काम करेंगे। हालांकि अभी तक इन तमाम शर्तों का दोनों ही दलों की ओर से अभी तक आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।

नेताओं की मुश्किल
दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर चर्चा के बीच सबसे बड़ी मुश्किल दोनों पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एक असमंजस यह है कि उन्हें एक दूसरे पर हमला बोलना है या नहीं। दोनों ही दलों के बीच पहले गठबंधन नहीं होने का ऐलान हुआ था, जिसके बाद अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। लिहाजा दोनों दलों के बीच गठबंधन के बाद यह साफ हो जाएगा कि उन्हें भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर हमला बोलना है।

शीला दीक्षित चर्चा में नहीं शामिल
जानकारी के अनुसार आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन की चर्चा से पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित को अलग रखा गया है। शीला दीक्षित आप के साथ गठबंधन के खिलाफ हैं उनका कहना है कि अगर हम आप के साथ गठबंधन करते हैं तो विधानसभा चुनाव में पार्टी की मुश्किल बढ़ सकती है। आप के साथ गठबंधन नहीं हो पाने की वजह से ही पूर्व दिल्ली अध्यक्ष अजय माकन ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था।












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