Lok Sabha Election: चुनाव लड़ने में मंत्रियों के छूट रहे 'पसीने',घर में ही घिर गई कांग्रेस! अब क्या करेगी?
Lok Sabha Election News: कर्नाटक में कांग्रेस अजीब मुसीबत में फंस गई है। यहां कांग्रेस के दिग्गज मंत्री से लेकर विधायक तक चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं, जबकि पार्टी आला कमान जिताऊ उम्मीदवारों की तलाश में माथा खपाने में लगा हुआ है।
कर्नाटक में लोकसभा की 28 सीटें हैं, जिनमें से 7 पर उम्मीदवारों की घोषणा किए 10 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन 21 सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों के नाम तय नहीं हो पा रहे हैं।

कांग्रेस को जिताऊ उम्मीदवारों का इंतजार!
8 मार्च को कांग्रेस ने उम्मीदवारों की जो पहली लिस्ट जारी की थी, उसमें किसी मंत्री या विधायक का नाम नहीं था। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाई कमान को राज्य की कई सीटों पर जीतने लायक उम्मीदवार नहीं मिल पा रहा है। इसलिए, पार्टी चाहती है कि कुछ मंत्री और विधायक अपनी जिम्मेदारी समझें और चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हो जाएं।
मंत्री अपनी जगह परिवार के सदस्यों के लिए मांग रहे हैं टिकट-रिपोर्ट
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के गृहमंत्री जी परमेश्वरा हाल ही में कह चुके हैं कि पार्टी में इस बात पर चर्चा चल रही है कि सात से आठ मंत्रियों को चुनाव लड़वाया जाए। वहीं कुछ मंत्री चाहते हैं कि पार्टी उन्हें बख्श दे और उनकी जगह उनके परिवार के किसी सदस्य पर दांव लगाए।
लेकिन, सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व को इस बात की चिंता खा रही है कि अगर मंत्रियों की जगह उनके परिवार वालों को टिकट दिया जाता है, तो इससे अच्छा संदेश नहीं जाएगा।
राहुल और खड़गे ही करेंगे अंतिम फैसला-रिपोर्ट
पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ही तय करेंगे कि मंत्रियों को ही टिकट थमाएंगे या फिर उनके परिवार वालों को मैदान में उतारने की बात मानेंगे। कर्नाटक खड़गे का गृहराज्य भी है, जहां 2019 में वे अपना ही चुनाव हार गए थे।
19-20 मार्च तक घोषित हो जाएंगे नाम- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
हालांकि, शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दावा किया था कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज (शनिवार को) खत्म हो गई है। कल (रविवार को) इंडिया ब्लॉक के नेताओं की जनसभा है और 19 मार्च को हमारी (उम्मीदवारों को चुनने के लिए) मीटिंग है। 19 मार्च को रात में या 20 मार्च की सुबह हमारे सभी उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे।'
इन मंत्रियों को चुनाव लड़वाना चाहती है कांग्रेस
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस कैबिनेट मंत्री एचसी महादेवप्पा को चामराजनगर, केएच मुनियप्पा को कोलार, बी नागेंद्र को बेल्लारी, सतीश जारकीहोली को बेलगाम, ईश्वर खंड्रे को बीदर और कृष्णा बायरे गौड़ा को बेंगलुरु नॉर्थ से उतारना चाहती है।
लेकिन, ये सारे मंत्री खुद चुनाव लड़ने से हिचकिचा रहे हैं और बदले में अपने परिवार वालों को टिकट देने की मांग कर रहे हैं। वह पार्टी को भरोसा दिला रहे हैं कि परिवार के सदस्यों की जीत सुनिश्चित करने के लिए वे अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।
कई मंत्री हार चुके हैं पिछला चुनाव
गौड़ा ने तो हाई कमान से साफ कह दिया है कि वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते। 2019 में वे बेंगलुरु नॉर्थ से और 2009 में बेंगलुरु साउथ से चुनाव हार भी चुके हैं।
अपनी जगह परिवार के लिए टिकटों की दावेदारी
वहीं महादेवप्पा चामराजनगर से अपने बेटे सुनील बोस के लिए टिकट मांग रहे हैं। वहीं सात बार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुनियप्पा कोलार सीट से अपने दामाद शशिधर जेई के लिए टिकट चाहते हैं। सिद्दारमैया सरकार में वरिष्ठ मंत्री 2019 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद प्रदेश की राजनीति में लौटे हैं।
इसी तरह से चिक्कोडी से जारकीहोली की बेटी प्रियंका जारकीहोली, बेलगाम से लक्ष्मी हेब्बलकर के बेटे मृणाल हेब्बलकर, बेल्लारी से नागेंद्र के भाई वेकंटेश प्रसाद और बीदर से ईश्वर खंड्रे के बेटे सागर खंड्रे के नाम की चर्चा हो रही है।
तो कांग्रेस के दिग्गजों को सता रहा है ये डर!
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि 2019 में राज्य में जिस तरह से सत्ता में रहने और जेडीएस से गठबंधन के बावजूद भी जिस तरह से पार्टी का सफाया हुआ और खड़गे, वीरप्पा मोइली और मुनियप्पा जैसे नेताओं की हार हुई कई वरिष्ठ नेता चुनाव नहीं लड़ना चाहते। खासकर इसलिए भी कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की स्थिति अभी भी ठीक नहीं है। (इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications