Lok Sabha Election: ओवैसी की जीत आसान बनाना चाहती है कांग्रेस? हैदराबाद में पहली बार बना रही है ऐसा प्लान!
Hyderabad Lok Sabha Election 2024: हैदराबाद सीट से एआईएमआईएम चीफ असुद्दीन ओवैसी लगातार पांचवीं बार जीतने के लिए मैदान में हैं। भाजपा ने इलाके की चर्चित महिला चेहरा माधवी लता को टिकट देकर मुकाबला दिलचस्प बनाने की कोशिश की है। लेकिन, कांग्रेस से भी पहली बार यहां से मुस्लिम महिला उम्मीदवार उतारने की बात चल रही है, जिससे चुनाव दिलचस्प होने की संभावना है।
हैदराबाद का चुनावी समीकरण पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के बाद से बदलने लगा है। पहले एआईएमआईएम और बीआरएस में जिस तरह की दोस्ती थी, अब उसी तरह की नजदीकियां कांग्रेस और ओवैसी की पार्टी में नजर आने लगी है। ऐसे में अगर कांग्रेस कद्दावर मुस्लिम चेहरा शहनाज तबस्सुम को मौका देती है तो ओवैसी के सामने खड़ हुई चुनौती कम हो सकती है।

हैदराबाद सीट में करीब 59% मुस्लिम आबादी
हैदराबाद लोकसभा सीट पिछले चार दशकों से एआईएमआईएम के कब्जे में है। ओवैसी 2004 से ही यहां से सांसद हैं। करीब 59% मुस्लिम आबादी वाली इस सीट पर उनकी जीत का अंतर विशाल होता है। भाजपा ने यहां से जब विरिंची हॉस्पिटल की चेयरपर्सन के माधवी लता को टिकट दिया तो लग रहा था कि ओवैसी को इस बार एक कठिन चुनाव से गुजरना पड़ेगा। 2019 में उन्होंने यहां से भाजपा के भगवंत राव पवार को 2.82 वोटों से हराया था।
ट्रिपल तलाक के खिलाफ पहचान रही हैं माधवी लता
भाजपा को माधवी लता से इसलिए उम्मीद है कि वह न सिर्फ स्थानीय हैं, बल्कि मुसलमानों और खासकर मुस्लिम महिलाओं में भी उनकी अच्छी पकड़ है। आरएसएस से जुड़ी रह चुकीं माधवी इलाके में ट्रिपल तलाक के खिलाफ आंदोलन की एक पहचान रह चुकी हैं। इस मुस्लिम बहुल सीट पर उनकी छवि कट्टर हिंदू महिला की रही है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि आरएसएस नेता और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रमुख इंद्रेश कुमार की करीबी होने की वजह से भी उन्हें टिकट मिलने में आसानी हुई है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच मुसलमानों के बीच भाजपा का जनाधार बनाने में काफी योगदान दे रहा है।
मुसलमानों से जुड़ी समस्या को लेकर भी आवाज उठाती रही हैं माधवी लता
माधवी पहले ही कह चुकी हैं, 'पार्टी जानती है कि मैं बहुत सारे मुसलमानों के साथ काम करती हूं और मैं उनसे सहानुभूति रखती हूं। मैं ट्रिपल तलाक की कट्टर आलोचक रही हूं। अगर मैं एक मंदिर के लिए भूख हड़ताल कर सकती हूं तो मैं मुस्लिम महिलाओं के लिए भी ऐसा ही करूंगी।' वह मदरसों में बच्चों के साथ 'दुर्व्यवहार' को लेकर भी आवाज उठाती रही हैं।
ओवैसी के गढ़ में भाजपा की मुस्लिम महिला वोटों पर है नजर
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक उन्हें यह सोचकर टिकट दिया है कि कट्टर हिंदू महिला की छवि की वजह से उसे हिंदू वोट जुटाने में तो मदद मिलेगी ही, जो महिलाएं ओवैसी या एआईएमआईएम का विकल्प तलाश रही हैं, उन्हें भी उनके माध्यम से एक अवसर मिल सके।
कांग्रेस उम्मीदवार की वजह से बंट सकता है एआईएमआईएम-विरोधी वोट
लेकिन, सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी इस सीट पर ओवैसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की वकील शहनाज तबस्सुम का नाम तय कर चुकी है। वह तेलंगाना वक्फ बोर्ड के सीईओ सैयद खाजा मोइनुद्दीन की पत्नी हैं। तेलंगाना कांग्रेस नेताओं का कहना है कि तबस्सुम को वो वोट मिल सकते हैं, जो 'बदलाव' चाहते हैं।
ओवैसी की जीत आसान बनाना चाहती है कांग्रेस?
ऐसे में इलाके की वैसी मुस्लिम महिला वोटर जो माधवी लता के रूप में एआईएमआईएम-विरोधी विकल्प तलाश सकती हैं, उनके सामने एक मुस्लिम महिला की मौजूदगी से उनका झुकाव तबस्सुम की ओर हो सकता है; और इसका फायदा ओवैसी को मिल सकता है। क्योंकि, 2014 और 2019 के चुनावों को ही देखें तो इस सीट पर ओवैसी की मुख्य प्रतिद्वंद्वी बीजेपी ही रही है। कांग्रेस और बीआरएस को यहां दहाई अंकों में भी वोट नहीं मिल पाते हैं।












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