लोकसभा चुनाव में एक उम्मीदवार जानें कितना रुपया खर्च कर सकता है?

Lok sabha election 2024: भारत की वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। निर्मला सीतारमण को भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु या आंध्र प्रदेश से चुनाव लड़वाना चाहती थी लेकिन भाजपा की राज्‍यसभा सांसद सीतारमण ने ये कहते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया कि "उनके पास चुनाव प्रचार के लिए उतने पैसे नहीं हैं", तो आइए जानते हैं कि चुनाव में एक उम्‍मीदवार कितने रुपये खर्च कर स‍कता है?

election expenses maximum limit
लोकसभा चुनाव हो या किसी राज्‍य का विधानसभा चुनाव उम्‍मीदवारों को अपने चुनाव प्रचार पर पानी की तरह मनमाना पैसा बहाने की इजाजत नहीं है। चुनाव में उम्‍मीदवारों को बेइत्‍हा धन खर्च पर रोक लगाने के लिए भारत के चुनाव आयोग ने एक निश्चित सीमा निर्धारित की है। निर्धारित की गई धनराशि के अंदर ही उम्‍मीदवार को चुनाव प्रचार पर खर्च करना होता है।

लोकसभा चुनाव में उम्‍मीदवार कितना खर्च कर सकता है?
भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने लोकसभा चुनाव में प्रत्येक लोकसभा उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार पर धनराशि खर्च करने की सीमा 95 लाख रुपये निर्धारित की है। यानी किसी भी राजनीतिक पार्टी का उम्‍मीदवार हो या फिर निर्दलीय उम्‍मीदवार वो चुनाव में 95 लाख रुपये से अधिक धनराशि नहीं खर्च कर सकता है। इसमें उम्‍मीदवार को 10 हजार से अधिक के सभी लेनदेन बैंक के जरिए करना होता है।

विधानसभा चुनाव में उम्‍मीदवार कितना खर्च कर सकता है?
वहीं विधानसभा चुनाव में आप्रत्येक विधानसभा उम्मीदवार के लिए चुनाव में खर्च करने के लिए 40 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। इससे अधिक धनराशि उम्‍मीदवार नहीं खर्च कर सकते हैं।

चुनाव खर्च का रखना होगा रिकार्ड
इतना ही नहीं चुनाव आयोग का सख्‍त निर्देश है कि उम्‍मीदवार को चुनाव खर्च का पूरा रिकार्ड रखना भी अनिवार्य है। इस चुनावी खर्च में स्‍टार प्रचारकों द्वारा उम्‍मीदवार के साथ रैली या चुनावी जनसभा पर किए खर्च को भी चुनाव प्रचार में ही जोड़ा जाएगा।

कैसे होता है चुनाव खर्च का आंकलन ?
चुनाव के दौरान ये धनराशि खर्च करने की आंकलन प्रत्‍येक प्रत्याशी के नामांकन से लेकर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक की जाती है। उम्‍मीदवार चुनाव पर कितना खर्च कर रहा है इस पर चुनाव आयोग के अधिकारियों की कड़ी नजर रहती है। चुनाव आयोग से संबंधित टीम आए दिन छापेमारी भी करती है।

चुनाव में अधिक खर्च पर क्‍यों लगाई है रोक?
चुनावों में अत्यधिक, गैरकानूनी और अवैध धन या भ्रष्‍टाचार के धन के खर्च हमारे लोकतंत्र और राजनीति पर हमला है। चुनाव में नेता मनमाना धन ना खर्च कर सके इसलिए चुनाव आयोग ने खर्च की सीमा निर्धारित की है। इसके साथ ही चुनाव आयोग का ये नियम चुनावी उम्‍मतीदवारों द्वारा वोटरों को लुभाने के लिए मंहगे गिफ्ट समेत अन्‍य धन संबंधी अन्‍य प्रलोभन देकर वोटरों को प्रभावित करने से रोकना भी है।

नियम का उल्लंघन करने को मिलती है सख्‍त सजा

चुनाव के दौरान उम्‍मीदवार निर्धारित धनराशि से अधिक खर्च करता पाया जाता है तो उसकी उम्‍मीदवारी तक चुनाव आयोग कैंसिल कर सकता है।

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