Lok Sabha Election 2024: विपक्ष एकजुट हुआ तो राहुल गांधी की टेंशन बढ़ाएंगे ये तीन चेहरे
2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में सभी दल जुट गए हैं। इस बार 15 विपक्षी दल मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को टक्कर देंगे। इसके लिए बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी दलों की बैठक हो रही, लेकिन उनकी राह इतनी आसान नहीं है।
वैसे तो विपक्षी दल लगातार एकजुटता की बात कर रहे, लेकिन अभी उनके बीच कई मुद्दे फाइनल होने बाकी हैं। राहुल गांधी भी इस बैठक में शामिल हुए। कांग्रेस नेता उनको प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार भी मान रहे, लेकिन विपक्षी एकजुटता के बाद भी तीन बड़े चेहरे उनकी परेशान बढ़ा सकते हैं।

इन तीन चेहरों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम शामिल है। तीनों की अपने-अपने राज्यों में अच्छी पकड़ है और उन्होंने बीजेपी की लहर में भी सरकार बनाने में कामयाबी हासिल की।
पीएम पद के लिए बीजेपी से तोड़ा रिश्ता?
नीतीश कुमार ने पिछला विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद वो 9 अगस्त 2022 को उससे अलग होकर महागठबंधन से जा मिले। तब ये दावा किया गया था कि बीजेपी के साथ रहकर नीतीश कुमार पीएम नहीं बन सकते थे, ऐसे में वो अलग हुए। वो 2024 में पीएम पद पर दावेदारी करना चाहते हैं। हालांकि नीतीश कुमार ने कई मौकों पर कहा कि वो पीएम पद के दावेदार नहीं हैं।
केजरीवाल का क्या रुख?
आम आदमी पार्टी को नेशनल पार्टी का दर्ज मिल चुका है। ऐसे में AAP कार्यकर्ता उत्साहित हैं। वो लगातार ये दावा करते रहते हैं कि पीएम मोदी को देश में कोई हरा सकता है, तो वो केजरीवाल हैं। ऐसे में साफ है कि महागठबंधन की सरकार बनने पर केजरीवाल राहुल गांधी की टेंशन बढ़ाएंगे।
ममता ने दिया था ये बयान
कुछ वक्त पहले ममता बनर्जी ने एक रैली में कहा था कि मैं अपने एक पैर पर खड़ी हो कर बंगाल जीतूंगी और भविष्य में मैं अपने दोनों पैरों पर खड़ी होकर दिल्ली में जीत हासिल करूंगी। वो बंगाल तो जीत चुकी हैं, ऐसे में अब उनकी नजर दिल्ली पर है। जिससे साफ होता है कि वो भविष्य में राहुल गांधी की टेंशन बढ़ाएंगी।
कांग्रेस की मंशा क्या?
राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक कांग्रेस के छोटे से लेकर बड़े नेता तक राहुल गांधी को पीएम पद का दावेदार बताते हैं। ऐसे में इस बात में कोई शक नहीं कि विपक्षी दलों के बहुमत में आते ही उनका नाम आगे किया जाएगा। हालांकि उनके सामने साथ के ही विपक्षी नेता चुनौती बनकर उभरेंगे।












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