Lok Sabha Chunav Result: काउंटिंग से पहले कौन सेट कर रहा है INDI गठबंधन का एजेंडा! ममता इसी वजह से हुईं दूर?
Lok Sabha Election Result 2024: विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन ने आखिरी चरण के चुनाव यानी 1 जून को दिल्ली में सहयोगी दलों की बैठक बुलाई है। शनिवार को 8 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की 57 लोकसभा सीटों पर चुनाव है। ऐसे में मतगणना के कार्यों के बीच गठबंधन के शीर्ष नेताओं की बैठक बुलाने की जल्दबाजी की जरूरत पर सवाल अंदर से भी उठ रहे हैं।
इस बैठक की अहमियत पर सबसे पहले तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के फैसले से ही सवाल उठ गया। उन्होंने मतदान के दिन की व्यस्तता का कारण बताकर इसमें उपस्थित होने से साफ मना कर दिया।

चुनाव के बीच में कैसे जा सकती हूं- ममता बनर्जी
उन्होंने कोलकाता की एक रैली में इस बारे में बताया, 'इंडिया ब्लॉक ने पहले कहा था कि वे 1 जून को एक बैठक बुलाएंगे। मैंने उन्हें बताया कि कुछ अन्य राज्यों की तरह हमारे यहां चुनावों की वजह से मैं नहीं जा सकती। मैं कैसे जा सकती हूं, जब एक तरफ साइक्लोन और राहत केंद्र हैं और दूसरी तरफ चुनाव हैं।'
एनजीओ के कहने पर 1 जून को बुलाई गई इंडिया ब्लॉक की बैठक-रिपोर्ट
गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव के दिन इतनी अहम बैठक के राजनीतिक एजेंडे के बारे में ज्यादा कुछ भी बताने से कन्नी काट गए और इसे अनौपचारिक बैठक बता दिया गया। लेकिन, अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक्स टाइम्स ने सूत्रों के एक हवाले से एक रिपोर्ट दी है कि यह बैठक असल में कुछ एनजीओ के कहने पर बुलाई गई थी।
ईवीएम और फॉर्म 17सी पर नजर रखने वाला एजेंडा!
रिपोर्ट के अनुसार इन एजीओ ने कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों को इसके लिए तैयार किया था कि वह विपक्षी नेताओं के सामने एक 'निगरानी एजेंडा' पेश करना चाहते हैं कि 4 जून को मतगणना वाले दिन काउंटिंग के दौरान किस तरह से ईवीएम और फॉर्म 17सी पर नजर रखी जा सकती है।
सार्थक राजनीतिक चर्चा की गुंजाइश- इंडिया ब्लॉक के नेता
इंडिया ब्लॉक के एक नेता ने खुलासा किया है, 'हममें से कई सारे लोग इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि 1 जून को किसी सार्थक राजनीतिक चर्चा की गुंजाइश हो पाएगी क्योंकि, उस दिन मतदान का अंतिम चरण जारी ही रहेगा, और सबसे बड़ी बात..बिना नंबर और नतीजा जाने!'
उनके मुताबिक, 'पहले कांग्रेस के एक नेता ने कॉल (विपक्षी गठबंधन के नेताओं को) किया था और 1 जून की बैठक की योजना के बारे में बताया था। बाद में हमें कांग्रेस के एक और पदाधिकारी की ओर से बताया गया कि यह खड़गे के आवास पर 3 बजे अनौपचारिक बैठक होगी।'
सुप्रीम कोर्ट में दाल नहीं गली तो तथाकथित विजिलेंस प्लान ले आए?
लेकिन, इसके बाद उन्होंने जो कुछ कहा है, उससे लगता है कि विपक्षी गठबंधन दरअसल कुछ एजीओ चलाने वाले प्रभावशाली लोगों के प्रभाव में है। उन्होंने बताया, 'अब ऐसा महसूस होता है कि कुछ सिविल सोसाइटी टाइप के लोगों ने कांग्रेस के कुछ नेताओं को यह समझा दिया है कि उनके पास ईवीएम से निपटने के लिए कोई तथाकथित विजिलेंस प्लान है...'
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग पर भरोसा रखने को कहा है
बता दें कि पहले एजीओ ही सुप्रीम कोर्ट में इस मांग के साथ पहुंचा था कि चुनाव आयोग को यह निर्देश जारी किया जाए कि वह मतदान के फौरन बाद वोटिंग करने वाले वोटरों की कुल संख्या (absolute number of voter) को सार्वजनिक कर ने के लिए फॉर्म 17सी का स्क्रीन शॉट सार्वजनिक करे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मांग ठुकरा दी और उन्हें देश के संवैधानिक संस्था पर भरोसा बनाए रखने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने साफ कहा कि जब हर चुनाव क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या और मतदान प्रतिशत पब्लिक डोमेन में आ जाता है तो वोटिंग करने वाले वोटरों की कुल संख्या (absolute number of voter) तो छठी क्लास में पढ़ने वाला कोई बच्चा भी निकाल सकता है।












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