Israel में बैठकर भारत में चुनावों को कौन कर रहा है कंट्रोल? OpenAI ने किया बड़ी साजिश की ओर इशारा
Lok Sabha Election 2024: भारत में सातवें चरण के चुनावों से पहले एक बड़ी सियासी साजिश का खुलासा हुआ है। दिल्ली से करीब चार हजार किलो मीटर दूर इजराइल की धरती पर बैठकर एक विदेशी कंपनी भारत के चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशों में लगी हुई थी।
चैटजीपीटी (ChatGPT) की निर्माता ओपनएआई (OpenAI) ने भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ चल रही इस भयानक साजिश का खुलासा किया है। ओपनएआई ने कहा है कि उसने भारतीय चुनावों पर केंद्रित एआई की मदद से चल रहे खेल को 24 घंटे के अंदर ही बाधित करने की कार्रवाई की है, जिसकी वजह से वह जितने लोगों तक पहुंचना चाहते थे, उसमें सफल नहीं हुए।

विदेशी धरती से किसने रची भारतीय चुनावों के लिए साजिश?
ओपनएआई ने इस साजिश को लेकर अपनी वेबसाइट पर एक रिपोर्ट डाली है। इसमें कहा गया है इजराइल की एक पॉलिटिकल कैंपेन मैनेजमेंट कंपनी स्टोइक (STOIC) ने भारतीय चुनावों से संबंधित कुछ कंटेंट तैयार किए। लेकिन, ओपनएआई ने जिस साजिश की ओर इशारा किया है, वह बहुत ही खतरनाक मंसूबे वाला है।
बीजेपी की आलोचना और कांग्रेस की तारीफ के पीछे किसका खेल?
ओपनएआई का कहना है, 'मई में नेटवर्क ने सत्ताधारी बीजेपी की आलोचना और विपक्षी कांग्रेस की तारीफ करते हुए भारत पर केंद्रित कमेंट्स बनाने शुरू किए।' इसने आगे बताया है, 'मई में भारतीय चुनावों पर केंद्रित कुछ गतिविधियों को हमने शुरू होने के 24 घंटे से भी कम समय में बाधित कर दिया।'
ओपनएआई ने किया है फौरन कार्रवाई करने का दावा
ओपनएआई के मुताबिक उसने इजराइल से संचालित उन अकाउंट्स के समूह पर पाबंदी लगा दी है, जिनका इस्तेमाल एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, वेबसाइटों और यूट्यूब तक फैले एक प्रभावशाली ऑपरेशन के लिए कंटेंट बनाने और संपादित करने के लिए किया जा रहा था।
टेक कंपनी का कहना है कि मई की शुरुआत में कथित आरोपी कैंपेन मैनेजमेंट कंपनी की ओर से भारत में अंग्रेजी भाषा वाले कटेंट से स्थानीय लोगों को टारगेट करना शुरू किया था। हालांकि इससे ज्यादा विस्तार से अभी इसकी जानकारी नहीं दी है।
इजराइली कंपनी ने नाम के विपरीत किया 'गंदा' काम
दिलचस्प बात ये है कि स्टोइक (STOIC) नाम की कंपनी भारतीय लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए जिस साजिश में शामिल हुई है, अंग्रेजी के उस शब्द का हिंदी में अर्थ या तो साधु, उदासीन और बैरागी होता है या फिर साहसी के लिए इस्तेमाल होता है। लेकिन, उसपर जिस तरह का हथकंडा अपनाने का आरोप लगा है, उससे इन शब्दों का कोई मेल नहीं है।
साफ है कि बीजपी थी टारगेट- केंद्रीय आईटी मंत्री
ओपनएआई की इस रिपोर्ट पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है, 'ये पूरी तरह से साफ और जाहिर है कि भारतीय जनता पार्टी कुछ भारतीय राजनीतिक दलों के द्वारा और/या उनकी ओर से चलाए जा रहे प्रभावकारी अभियानों, गलत सूचनाओं और विदेशी हस्तक्षेप का टारगेट थी और है।'
'यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है'
उन्होंने कहा, 'यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। भारत और भारत के बाहर निहित स्वार्थी स्पष्ट रूप से इसे चला रहे हैं और इसकी गहन जांच/छानबीन और खुलासे की आवश्यकता है।' उन्होंने यह भी कहा है कि 'ये प्लेटफॉर्म इसे काफी पहले ही जारी कर सकते थे, इतनी देर से नहीं जब चुनाव खत्म होने वाले हैं।'
4 जून के बाद नई सरकार पर होगी साजिश की जांच की जिम्मेदारी!
बहरहाल, अगर भारतीय चुनाव को प्रभावित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल किया गया है तो यह निश्चित रूप से व्यापक जांच का विषय है और उम्मीद ही कि 4 जून के बाद जो नई सरकार बनेगी, वह इस साजिश के तह तक जाने की कोशिश करेगी और उन देश-विरोधी चेहरों को बेनकाब करेगी, जिसने लोकतंत्र को कलंकित करने के लिए विदेशी धरती का इस्तेमाल किया है। (इनपुट-पीटीआई)












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