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Lockdown Impact: 2021 में रिकॉर्ड बच्चों का होगा जन्म,14 करोड़ बच्चों के पैदा होने के हैं अनुमान

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नई दिल्ली। वर्ष 2021 की शुरूआत में यानी 1 जनवरी को पूरी दुनिया में 3 लाख 92 हजार 078 बच्चों का जन्म एक पॉजिटिव का संकेत है, तब जब पिछले 7-8 महीनों में कोरोना महामारी से शिकार होकर 18 लाख से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। एक तरफ महामारी में हुई मौत जहां दुनियाभर के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रहा, तो दूसरी तरफ उम्मीदों के साल के रूप में देखे जा रहे 2021 की शुरूआत इसलिए पॉजिटिविटी के संकेतक है, क्योंकि बच्चों का जन्म दुनिया के हर कोने में शुभ माना जाता है।

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भारत में 1 जनवरी को रिकॉर्ड 67,385 बच्चों को जन्म हुआ

भारत में 1 जनवरी को रिकॉर्ड 67,385 बच्चों को जन्म हुआ

यूनीसेफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक नए साल के पहले दिन पूरी दुनिया में जहां 3,92,078 बच्चों का जन्म हुआ, तो भारत में 1 जनवरी को रिकॉर्ड 67,385 बच्चों को जन्म हुआ, जो कि पूरी दुनिया में 1 जनवरी, 2021 को पैदा हुए बच्चों में सर्वाधिक संख्या है। भारत के बाद दूसरा नंबर चीन का है, जहां 1 जनवरी को 46,299 बच्चों को जन्म हुआ है, जबकि नाइजीरिया तीसरे, पाकिस्तान चौथे, इंडोनेशिया पांचवे और अमेरिका छठे नंबर पर है, जहां क्रमशः 1 जनवरी को 26,039, 16,787, 13,020 और 10,452 बच्चे पैदा हुए है।

लॉकडाउन में आम और क्या खास सभी घरों में कैद होकर रहना पड़ गया

लॉकडाउन में आम और क्या खास सभी घरों में कैद होकर रहना पड़ गया

गौरतलब है चीन से पैदा हुए जानलेवा कोरोना वायरस के संक्रमण पूरी दुनिया में फैलाने से रोकने के लिए पिछले साल फरवरी-मार्च के महीने में पूरी दुनिया में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है, जिससे आम और क्या खास सभी घरों में कैद होकर रहना पड़ गया। उद्योग-धंधों और कार्यालय ही नहीं, परिवहन के साधनों के पहिए थम गए। यह पहला अवसर था जब पूरी दुनिया एक साथ थम गई थी। ऐसे में सबको अपने घरों में कैद हो गए। इसी का परिणाम कह सकते हैं कि अनचाहे ही परिवार नियोजन पर ब्रेक लग गया, जिसकी परिणित ही कहेंगे कि बच्चों के जन्म में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।

दर्जनभर से अधिक सेलिब्रिटीज जनवरी के महीने में पैरेंट्स बनने जा रहे हैं

दर्जनभर से अधिक सेलिब्रिटीज जनवरी के महीने में पैरेंट्स बनने जा रहे हैं

लॉकडाउन का असर ही कहेंगे कि भारत में बॉलीवुड और खेल जगत से जुड़े दर्जनभर से अधिक सेलिब्रिटीज भी जनवरी के महीने में पैरेंट्स बनने जा रहे हैं। बॉलीवुड कलाकार करीना कपूर-सैफ अली खान और कपिल शर्मा-गिन्नी चतरथ दूसरी बार पैरेंट्स बनने जा रहे हैं, तो क्रिकेटर विराट कोहली-अनुष्का शर्मा और जहीर खान-सागरिका घाटगे पहली बार पैरेंट्स बनने जा रहे हैं। हालांकि यह लिस्ट काफी बड़ी है, जिनमें अभिनेत्री अमृता राव-रौनक, टीवी एक्ट्रेस शिखा शर्मा, अनीता हसनंदानी, इशिता दत्ता का नाम भी शुमार हैं, जो पहली बार पैरेंट्स बनने वाले हैं।

यूनीसेफ ने अनुमानित 3,71,504 बच्चों के जन्म की भविष्यवाणी की थी

यूनीसेफ ने अनुमानित 3,71,504 बच्चों के जन्म की भविष्यवाणी की थी

हालांकि नए साल के दिन दुनियाभर में अनुमानित 3,71,504 बच्चों के जन्म की भविष्यवाणी यूनिसेफ द्वारा की गई थी। इनमें भारत में लगभग 60 हजार बच्चों के जन्म का अनुमान था, जो लगभग सटीक रहा है। गत शुक्रवार को यूनिसेफ द्वारा साझा की गई जानकारी में बताया गया है कि वर्ष 2021 में कुल अनुमानित 14 करोड़ बच्चे पैदा होंगे। इसमें सुखद बात यह रही कि यूनीसेफ ने 2021 में पैदा होने वाले बच्चों की औसत जीवन प्रत्याशा 84 वर्ष होने की उम्मीद जताई है। प्रशांत क्षेत्र में स्थित फिजी में पहला और अमेरिका में साल 2021 का आखिरी बच्चे का जन्म हुआ।

नए साल के पहले दिन आधे से अधिक बच्चों का जन्म 10 देशों में हुआ

नए साल के पहले दिन आधे से अधिक बच्चों का जन्म 10 देशों में हुआ

यूनिसेफ के अनुसार नए साल के पहले दिन दुनियाभर के आधे से अधिक बच्चों का जन्म 10 देशों में हुआ। इन 10 देशों में भारत, चीन, नाइजीरिया, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, इथियोपिया, अमेरिका, मिस्र, बांग्लादेश और रिपब्लिक ऑफ द कांगो शामिल है। यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक हेनरीटा फोर ने एक बयान में बताया था कि 1 जनवरी, 2021 को जन्म लेने वाले बच्चे एक साल पहले की तुलना में बहुत अलग दुनिया में प्रवेश करेंगे।

1 जनवरी, 2021 को पैदा हुए बच्चे को विरासत में कैसी दुनिया मिलेगी?

1 जनवरी, 2021 को पैदा हुए बच्चे को विरासत में कैसी दुनिया मिलेगी?

बकौल हेनरीटा, 1 जनवरी, 2021 को पैदा हुए बच्चे को विरासत में वो दुनिया मिलेगी, जिसका हमने उनके लिए निर्माण किया है। आइए हम 2021 में बच्चों के लिए एक न्यायपूर्ण, सुरक्षित, स्वस्थ दुनिया का निर्माण करना शुरू करें। नया साल दुनिया को पुनः स्थापित करने का एक नया अवसर लेकर आता है।

 1 जनवरी, 2021 को पैदा होने वाले बच्चों की जीवन प्रत्याशा 80.9 वर्ष होगी

1 जनवरी, 2021 को पैदा होने वाले बच्चों की जीवन प्रत्याशा 80.9 वर्ष होगी

यूनिसेफ के अनुसार भारत में शुक्रवार, 1 जनवरी, 2021 को पैदा होने वाले बच्चों की जीवन प्रत्याशा 80.9 वर्ष होगी। इंडिया न्यूबर्न एक्शन प्लान 2014-2020 की मदद से हर दिन एक अतिरिक्त हजार बच्चे जीवित रहते हैं। यूनिसेफ में भारत के प्रतिनिधि यश्मीन अली हक ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण न केवल एक संकट की स्थिति में, बल्कि हर समय लोगों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था और नीतियों की आवश्यकता के बारे में हमें पता चला है।

भारत में दिसंबर तक 2 करोड़ से ज्यादा बच्चों का जन्म का अनुमान था

भारत में दिसंबर तक 2 करोड़ से ज्यादा बच्चों का जन्म का अनुमान था

उल्लेखनीय है संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक भारत में दिसंबर, 2020 तक 2 करोड़ से ज्यादा बच्चों का जन्म हो सकता था। यह अनुमान 10 मई, 2020 को आने वाले मदर्स डे से पहले लगाया गया था। संयुक्त राष्ट्र की मानें तो मार्च से लेकर दिसंबर तक भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर में बच्चों के जन्म दर सर्वाधिक होगी और भारत और चीन में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या सबसे अधिक होगी। संयुक्त राष्ट्र ने मार्च के महीने में कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया था जिसके बाद भारत में लॉकडाउन की घोषणा हो गई थी।

11 मार्च से 16 दिसंबर के बीच 2.1 करोड़ बच्चों के जन्म का अनुमानः UN

11 मार्च से 16 दिसंबर के बीच 2.1 करोड़ बच्चों के जन्म का अनुमानः UN

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 11 मार्च से 16 दिसंबर के बीच इन 9 महीनों में भारत में 2.1 करोड़ जबकि चीन में 1.35 करोड़ बच्चे जन्म लेंगे। नाइजीरिया में 60.4 लाख, पाकिस्तान में 50 लाख और इंडोनेशिया में 40 लाख बच्चों का जन्म होगा। अमेरिका जन्म की अनुमानित संख्या के मामले में छठे नंबर पर है, जहां 30 लाख से अधिक बच्चों का जन्म 11 मार्च और 16 दिसंबर के बीच होने का अनुमान था।

यूनिसेफ का कहना है कि गर्भवती महिलाएं कोरोना से ज्यादा प्रभावित नहीं

यूनिसेफ का कहना है कि गर्भवती महिलाएं कोरोना से ज्यादा प्रभावित नहीं

यूनिसेफ के मुताबिक गर्भवती महिलाएं कोरोना से ज्यादा प्रभावित नहीं हैं, लेकिन तमाम देशों को डिलीवरी से पहले और उसके बाद की स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि प्रेग्नेंसी के दौरान या डिलीवरी के समय मां से नवजात के संक्रमण का खतरा है या नहीं। ऐसे में यूनिसेफ ने सभी गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की हिदायत दी थी। WHO के आंकड़े बताते हैं कि कोरोना वायरस से पहले भी 20.8 लाख गर्भवती महिलाओं और बच्चों की मौत हो जाती है।

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English summary
The birth of 3 lakh 92 thousand 078 children all over the world in early 2021 i.e. on 1 January is a positive sign, when in the last 7-8 months more than 18 lakh people have lost their lives due to corona epidemic. On the one hand, epidemic deaths are no less than a nightmare for the world, on the other hand, the beginning of 2021, which is seen as a year of hope, is therefore indicative of positivity. Birth of children is considered auspicious in every corner of the world.
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