कालपानी विवाद में कूदीं मनीषा कोइराला, किया नेपाल का समर्थन, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

मुंबई। भारत-नेपाल के बीच कालापानी और लिपुलेख को लेकर विवाद गहराता जा रहा है, दरअसल नवंबर 2019 में, भारत के गृह मंत्रालय की ओर से एक नक्शा जारी किया गया था, जिसमें कालापानी क्षेत्र को भारत का हिस्सा बताया गया था लेकिन इस एरिया पर नेपाल अपना दावा करता आया है,इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कैलाश मानसरोवर जाने के लिए 80 किलोमीटर लम्बी सड़क का उद्घाटन किया था, जो कि लिपुलेख दर्रे पर समाप्त होती है, जिस पर भी नेपाल सरकार द्वारा कड़ी आपत्ति जताई गई है।

मनीषा कोइराला ने किया नेपाल का समर्थन

मनीषा कोइराला ने किया नेपाल का समर्थन

भारत-नेपाल के इस सीमा विवाद पर अब अभिनेत्री मनीषा कोइराला की प्रतिक्रिया सामने आई है, मनीषा ने इस प्रकरण में नेपाल को सही ठहराते हुए ट्वीट किया है, मूल रूप से नेपाली लेकिन बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्रियों में से एक मनीषा ने नेपाल के विदेश मंत्री के Tweet की रीट्वीट करते हुए लिखा है कि हमारे छोटे से देश का गौरव रखने के लिए शुक्रिया, मैं सभी तीन महान देशों के बीच शांतिपूर्ण और सम्मानजनक बातचीत की उम्मीद करती हूं। मनीषा के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया है, बॉलीवुड प्रशंसकों को ये बात अच्छी नहीं लगी तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो कि मनीषा की बात का समर्थन भी कर रहे हैं।

नेपाल के विदेश मंत्री ने किया था ये Tweet

मालूम हो कि नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने ट्वीट में कहा था कि मंत्रिपरिषद ने अपने 7 प्रांतों, 77 जिलों और 753 स्थानीय प्रशासनिक प्रभागों को दिखाते हुए देश का एक नया नक्शा प्रकाशित करने का फैसला किया है। इसमें 'लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी' भी शामिल हैं।

क्या है विवाद

क्या है विवाद

90 किलोमीटर लंबी धारचूला लिपुलेख सड़क परियोजना का भारत की ओर से 8 मई 2020 को परियोजना का शुभारंभ किया गया, इस सड़क के बनने के बाद चीन की सीमा से सटे 17,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित लिपूलेख दर्रा अब उत्तराखंड के धारचूला से जुड़ जाएगा लेकिन पड़ोसी देश नेपाल इस दर्रे को अपनी सीमा का हिस्सा मानता है, इसी कारण वो इसका विरोध कर रहा है, हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह से साफ कर चुका है कि ये हिस्सा इंडिया का है।

कालापानी को नेपाल मानता है अपना हिस्सा

कालापानी को नेपाल मानता है अपना हिस्सा

बता दें कि लिपुलेख दर्रा की ऊंचाई 17,060 फीट है और यह भारत के उत्तराखंड राज्य और चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच की सीमा पर स्थित एक हिमालयी दर्रा है,जबकि नेपाल इसके दक्षिणी हिस्से (जिसे कालापानी कहा जाता है) को अपना भाग मानता है, जो कि 1962 से ही भारत के नियंत्रण में है, फिलहाल इस हिस्से को लेकर इंडिया-नेपाल में विवाद जारी है, जिस पर अब मनीषा कोइराला ने रिएक्शन देकर इस विवाद को और भी चर्चित कर दिया है।

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