इमरान को शांति का नोबेल देने के सवाल पर क्या बोले भाजपा के राम माधव?

नई दिल्ली। पिछले तीन दिनों में 40 से अधिक बार सीजफायर तोड़ चुके पाकिस्तान ने अब एक नया पैंतरा आजमाया है। भारत-पाक के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच पाकिस्तान ने नई चाल चलते हुए संसद में इमरान खान को शांति का नोबेल पुरस्कार के लिए नामित करने का प्रस्ताव रखा था। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी भारत-पाक के बीच तनाव कम करने की पहल का हवाला देते हुए इमरान खान को शांति का नोबेल पुरस्कार देने का प्रस्ताव लेकर आए थे। वहीं, अब पाकिस्तान के इस नए पैंतरे पर बीजेपी ने निशाना साधा है।

इमरान खान को शांति का नोबेल? राम माधव ने साधा निशाना

इमरान खान को शांति का नोबेल? राम माधव ने साधा निशाना

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि पाकिस्तान की संसद में इमरान खान को शांति का नोबेल पुरस्कार देने का प्रस्ताव लाया जा रहा है, क्या इससे पाक की हालत में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अगर नोबेल पुरस्कार की मांग कर रहा है तो वे लें लेकिन उस शैतान का क्या करेंगे जो उनके घर (पाकिस्तान) में है। पाकिस्तान की जमीन पर पल रहे जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकी संगठनों की तरफ इशारा करते हुए राम माधव ने कहा कि सालों-साल उन्होंने इनका इस्तेमाल एक सोची-समझी नीति के तहत किया।

पाकिस्तान ने आतंकियों को अपनी जमीन पर पनाह दी- राम माधव

पाकिस्तान ने आतंकियों को अपनी जमीन पर पनाह दी- राम माधव

राम माधव ने कहा कि सभी जानते हैं कि पाकिस्तान ने आतंकियों को अपनी जमीन पर पनाह दी, कई सालों से सबने देखा है फिर भी ये लोग नहीं बदले। इन्होंने इसका इस्तेमाल एक नीति के तहत किया। अब पाकिस्तान और इमरान खान की जो छवि बदलने की कोशिश की जा रही है, उसके पीछे हम नहीं जाने वाले हैं। हां, अगर ये वास्तव में सही साबित होता है तो ये पाकिस्तान के लिए भी बेहतर होगा और भारत के लिए भी। लेकिन हम पाकिस्तान के इस झांसे में नहीं आने वाले हैं और हमारा स्टैंड भी बहुत साफ है।

'पाकिस्तान सरकार की कमान किसके हाथ में है?'

'पाकिस्तान सरकार की कमान किसके हाथ में है?'

राम माधव ने कहा, सबको पता है कि पाकिस्तान में इमरान खान की ताकत क्या है और पाकिस्तान सरकार की कमान किसके हाथ में है। उन्होंने कहा कि इमरान खान अगर सच में भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं तो वो सबसे पहले पाकिस्तान में चल रहे आतकी ठिकानों को ध्वस्त करें। केवल शांति की बात करने से कुछ नहीं होगा उसके लिए आतंकियों के खिलाफ एक्शन लेना होगा।

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