Ladakh: डेपसांग से 60 किमी दूर बंकर का निर्माण कर रहा चीन, भारतीय वायुसेना से बचने का है प्लान
पिछले कई सालों से लद्दाख में भारत-चीन के बीच गतिरोध जारी है। भारतीय सेना ने कई दौर की बैठकें कीं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके अलावा चीन लगातार सीमावर्ती इलाकों में निर्माण कार्य चला रहा।
न्यूज चैनल NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी लद्दाख के डेपसांग से 60 किलोमीटर दूर चीन बंकरों का निर्माण कर रहा। जिसमें उसके सैनिक हाईटेक हथियारों के साथ तैनात रहेंगे। चैनल ने इसकी सैटेलाइट तस्वीर भी जारी की है।

वैसे जिस इलाके में ये निर्माण हो रहा, वो अक्साई चीन में स्थित है। जिस पर दशकों से चीन का कब्जा है, लेकिन इस तरह की कार्रवाई हालात को और ज्यादा खराब कर सकती है।
न्यूज चैनल के मुताबिक उसने सैटेलाइट द्वारा कई तस्वीरें हासिल कीं। इसके बाद विशेषज्ञों से उसका विश्लेषण करवाया। जिस पर पता चला कि नदी के दोनों किनारों पर चीनी सेना ने चट्टानें खोदीं और करीब 11 पोर्टल का निर्माण किया।
विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी देश की सेना इस तरह का निर्माण दुश्मन के हवाई हमले और पैदल सैनिकों को रोकने के लिए करती है। वैसे ये कोई पहला मामला नहीं है। पिछले दो-तीन साल से चीन लद्दाख और अरुणाचल से लगती सीमाओं पर अपनी तैयारी बढ़ा रहा। जिसको लेकर विपक्षी दल मोदी सरकार पर हमलावर रहते हैं।
एक अन्य एक्सपर्ट के मुताबिक भारतीय वायुसेना लद्दाख में काफी एक्टिव है। जब 36 राफेल विमान फ्रांस से आए, तो सबसे पहले उनकी तैनाती लद्दाख और पूर्वी सीमा पर की गई। माना जा रहा कि युद्ध जैसे हालात में भारतीय वायुसेना से बचने के लिए ये तैयारी की गई।
नक्शे पर भी विवाद
वहीं हाल ही में चीन ने एक नक्शा जारी किया, जिसमें उसने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को अपना हिस्सा दिखाया। हालांकि भारत सरकार ने इसको खारिज कर दिया। मामले में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि गलत नक्शा जारी करने से चीन के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। हमारी सरकार ने साफ कह दिया है कि वो हमारा इलाका है।












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