Kuno National Park: कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, 3 महीने में गई तीसरी जान, कैसे हुई 'दक्षा' की मौत?
Kuno National Park Cheetah dies: कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत की खबर सामने आई है। ये तीन महीने में तीसरी मौत की घटना है।

Kuno National Park Female Cheetah Daksha dies: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई है। मादा चीता 'दक्षा' की मौत हो गई है। मादा चीता 'दक्षा' आज (9 मई) की सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर घायल मिली थी। तीन महीने में चीते की ये तीसरी मौत है।
मादा चीता 'दक्षा' (female Cheetah Daksha) की मौत का कारण कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक अन्य चीते से लड़ाई के दौरान उसकी जान चली गई है। मध्य प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक जेएस चौहान ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता दक्षा की मौत 09 मई को हुई है।
बताया जा रहा है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दक्षिण अफ्रीका से आए चीता धीरा की लड़ाई एक अन्य चीते से हो गई थी। दिसमें उसकी मौत हो दई है। दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाए ये तीसरी चीता है, जिसकी मौत पिछले तीन महीने के अंदर हुई है। बाकी दो अन्य चीते की मौत बीमारी थी।
Female Cheetah Daksha: कैसे हुई मादा चीता 'दक्षा' की मौत?
प्रेस रिलीज में बताया गया है कि 09 मई की सुबह 10.45 बजे दक्षिण अफ्रीका से कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ी गई मादा चीता दक्षा को मॉनिटरिंग दल ने घायल अवस्था में पाया। पशु चिकित्सकों के इलाज के बाद भी मादा चीता दक्षा की जान नहीं बच पाई। दोपहर 12:00 बजे दक्षा चीता ने दम तोड़ दिया।
दक्षा चीता बाड़ा क्रमांक 1 में छोड़ी गई थी और पास के बोमा क्रमांक 7 में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते कोयलिशन वायु और अग्नि को छोड़ा गया था।

30 अपैल को कूनो में हुई बैठक में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के महानिरीक्षक डॉ. अमित मल्लिक, भारतीय वन्यजीव संस्थान के डॉ. कमर कुरैशी, दक्षिण अफ्रीका से आए प्रो. एड्रियन टोर्डिफ और दक्षिण अफ्रीका से आए चीता मेटा पापुलेशन इनिशियटिव के मिस्टर विन्सेंट वेन डर मार्व शामिल थे। इस बैठक में फैसला लिया गया था कि बाड़ा क्रमांक 7 में मौजूद दक्षिण अफ्रीका से आए चीता मेल कोयलिशन अग्नि और वायु को मादा चीता दक्षा से मिलवाया जाए।

इसी वजह से बाड़ा क्रमांक 7 और 1 के बीच का गेट दिनांक 01 मई को खोले गे थे। चीता मेल कोयलिशन ने 6 मई को को बाड़ा क्रमांक 7 से बाड़ा क्रमांक 1 में गया था। मादा चीता दक्षा के शरीर पर मिले घाव को देखकर लगता है कि मेल से हिंसक इन्टरेक्शन मेटिंग के दौरान उसे चोट लगी है।
नर कोयलिशन चीता द्वारा मेटिंग के दौरान मादा चीतों के साथ हिंसक व्यवहार सामान्य है। ऐसी स्थिति में निगरानी टीम द्वारा हस्तक्षेप की संभावना लगभग न के बराबर होती है। मृत मादा चीता दक्षा का नियमानुसार शव परीक्षण पशु चिकित्सक दल द्वारा किया जा रहा है।












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