'भारत में इस समय किसी भी...', UGC के नए नियमों पर SC के फैसले के बाद कुमार विश्वास ने मोदी सरकार को किया अगाह
UGC New Rules controversy: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यूजीसी के नए नियमों को लेकर चल रहा देश-व्यापी सियासी और अकादमिक घमासान फिलहाल थम सा गया है। अदालत ने 17 दिन पहले लागू किए गए इन नियमों पर अगली सुनवाई तक रोक लगाते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी से जवाब तलब किया है। इसके साथ ही यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अंतरिम अवधि में वर्ष 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे। हालांकि, सवाल अब भी कायम है कि यह राहत अस्थायी है या आने वाले समय में यह मामला और अधिक तीखे मोड़ पर पहुंच सकता है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए नियम पर फिलहाल रोक लगाए जाने के बाद मशहूर कवि और राम कथावाचक कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया आई है। याद रहे दो दिन पहले कुमार विश्वास ने एक कविता साेशल मीडिया पर शेयर यूजीसी के नए नियम पर विरोध जताया था। जानिए कुमार विश्वास ने सुप्रीम के फैसले के बाद क्या ऐसा कहा जिसकी चर्चा हो रही है?

कुमार विश्वास ने मोदी सरकार को किया अगाह
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुमार विश्वास ने यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि भारत इस समय किसी भी प्रकार का विभाजन झेलने की स्थिति में नहीं है, इसलिए सरकारों और राजनीति को विभाजक रेखाएँ खींचने से बचना चाहिए। विश्वास ने स्वीकार किया कि दलित, पिछड़े और वंचित मित्रों के साथ सदियों से बहुत अत्याचार हुआ है।
'सुप्रीम कोर्ट ने करोड़ों लोगों की मनोदशा का भाव समझा'
विश्वास ने अपने बयान में आगे कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने करोड़ों लोगों की मनोदशा का भाव समझा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'यह भी कहने में लोगों की जबान हकलाती है कि ये सब जो पिछले एक हजार वर्षों में विधर्म भारत में आया था, जिनके यहां परंपराएं थीं, उन्होंने ये भारत में बोया था।'
कुमार विश्वास बोले- 'विधर्म' से मुक्ति के उपाय किए जा रहे हैं...
कुमार विश्वास के अनुसार इस 'विधर्म' से मुक्ति के उपाय किए जा रहे हैं, जो पिछले 80 वर्षों से जारी हैं और आगे भी होंगे। उन्होंने जोर दिया कि इस प्रक्रिया में कोई निरपराध व्यक्ति न फँसे, और न ही किसी जाति, वर्ण या धर्म का व्यक्ति असहज महसूस करे। विश्वास ने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया और उम्मीद जताई कि राजनीति भी इसका सकारात्मक हल निकालेगी।
कुमार विश्वास ने यूजीसी के नए नियम के विरोध में लिखी था- रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।
गौरतलब है कि दो दिन पहलेकवि कुमार विश्वास ने #UGC_RollBack हैशटैग के साथ यूजीसी नियमों पर अपना विरोध जताते हुए उन्होंने दिवंगत कवि रमेश रंजन की एक कविता साझा की, जिसकी पंक्तियाँ हैं: "चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा सवर्ण हूं मेरा, रोंया रोंया उखाड़ लो राजा.."!












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