Kuldeep Singh Sengar Unnao Case: सेंगर की बेल पर रोक लगाने वाले SC के 3 जज कौन? नाम सुन 'अपराध' भी कांपे!
Kuldeep Singh Sengar Unnao Case Big Updates News Hindi: उन्नाव रेप केस में दोषी पूर्व BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सशर्त जमानत पर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले ने पूरे देश में आक्रोश फैला दिया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर मुंहतोड़ जवाब दिया है। 29 दिसंबर 2025 को SC की तीन जजों की बेंच ने हाई कोर्ट के आदेश 'सेंगर की सशर्त जमानत' पर रोक लगा दी।
CBI की अपील पर सुनवाई में कोर्ट ने सेंगर को 'गंभीर अपराधी' मानते हुए यह निर्णय लिया है। यह फैसला पीड़िता और महिलाओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। लेकिन सवाल उठता है- कौन हैं वो तीन जज, जिनकी बेंच ने यह ऐतिहासिक कदम उठाया? इनके नाम सुनते ही अपराधी कांपते हैं। आइए, जानते हैं इन जजों का बैकग्राउंड, प्रमुख फैसले और उन्नाव केस में क्या हुआ...

Who Is Three Supreme Court Judges Stays Sengar Bail: तीन जजों का परिचय
सुनवाई अवकाश पीठ (वेकेशन बेंच) में हुई। पीठ की अध्यक्षता चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने की। अन्य दो जज- जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह। तीनों के फैसले हमेशा सख्त और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित रहे हैं।
1. कौन हैं चीफ जस्टिस सूर्यकांत (Who Is CJI Justice Surya Kant): सबसे सीनियर और पीठ के हेड
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बैकग्राउंड: जन्म 10 फरवरी 1962, हिसार (हरियाणा)। 24 नवंबर 2025 को भारत के 53वें CJI बने।
- करियर: पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में जज, फिर सुप्रीम कोर्ट (24 मई 2019 से)। CJI बनने से पहले कई संवैधानिक बेंच में।
- प्रमुख फैसले: अनुच्छेद 370 पर सुनवाई में शामिल। पेगासस जासूसी केस में जांच कमिटी। राजद्रोह कानून (124A) पर रोक वाली बेंच का हिस्सा। अपराधियों को सख्त सजा देने के लिए जाने जाते हैं-'अपराधी कांपते हैं' वाली इमेज।
- उन्नाव केस में रोल: CBI की दलीलों से सहमत, सजा निलंबन पर स्टे।
- बैकग्राउंड: जन्म 29 जून 1961, मध्य प्रदेश। आंध्र प्रदेश और सिक्किम हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे। 31 अगस्त 2021 से सुप्रीम कोर्ट जज।
- प्रमुख फैसले: भोपाल गैस त्रासदी Curative Petition खारिज। आपराधिक मामलों में सेंटेंसिंग पर सख्त। सेवा, संवैधानिक और क्रिमिनल लॉ में एक्सपर्ट। भोपाल गैस पीड़ितों के मुआवजे पर फैसला।
- उन्नाव केस में रोल: बेंच में CBI के पक्ष में। अपराध की गंभीरता पर जोर।
- बैकग्राउंड: जन्म 12 मार्च 1963, पंजाब (रोपर)। AMU से लॉ ग्रेजुएट। 9 नवंबर 2023 से सुप्रीम कोर्ट जज।
- प्रमुख फैसले: PMLA केस (V Senthil Balaji) में जांच और Article 21 पर बैलेंस। Anticipatory Bail और क्रिमिनल प्रोसीजर में सख्त। टैक्स, सेवा और अपराधी मामलों में विशेषज्ञ।
- उन्नाव केस में रोल: बेंच का हिस्सा, सेंगर की राहत पर सवाल।
- CBI की अपील: SG तुषार मेहता ने कहा-केस POCSO और IPC 376(2) का। न्यूनतम सजा 20 साल। सेंगर जनप्रतिनिधि थे, प्रभाव का दुरुपयोग। जमानत गलत नजीर बनेगी। पीड़िता को खतरा।
- कोर्ट का फैसला: हाई कोर्ट के आदेश पर स्टे। सेंगर जेल में रहेंगे। अपील पर विस्तार से सुनवाई जनवरी में।
- पीठ का तर्क: प्रथम दृष्टया CBI की दलीलें मजबूत। सजा निलंबन अपवाद, नियम नहीं।
- 2017: नाबालिग पीड़िता पर रेप-अपहरण।
- 2019: उम्रकैद + 25 लाख जुर्माना।
- 2025: हाई कोर्ट ने सजा की सस्पेंड। सशर्त जमानत।
- 29 दिसंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगाया।
- पीड़िता का दर्द: ' शरीर में 250 टांके, बच्चे असुरक्षित। फूलन देवी बनना पड़ेगा।'
- गवाह वीरेंद्र यादव के IPS भूकर पर टॉर्चर देने के आरोप।
2. कौन हैं जस्टिस जेके माहेश्वरी (Who Is Justice JK Maheshwari):
3. कौन हैं जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह (Who Is Justice Augustine George Masih):
ये तीनों जज संवैधानिक और अपराधिक मामलों में सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं। अपराधियों को राहत देने में संकोच नहीं करते अगर कानून कहता है, लेकिन गंभीर केस में सख्ती।
SC में क्या हुआ: सुनवाई की मुख्य बातें
Unnao Case : क्यों इतना विवाद?
अपराध कांपता है इन जजों के नाम से
CJI सूर्यकांत, जस्टिस माहेश्वरी और मसीह की बेंच ने दिखाया कि कानून से ऊपर कोई नहीं। सेंगर जैसे ताकतवरों को राहत नहीं मिलेगी। यह फैसला महिलाओं और पीड़ितों के लिए उम्मीद है। लेकिन अपील बाकी-अंतिम न्याय कब? यह देखना बाकी है। इन जजों के फैसले अपराधियों को कांपने पर मजबूर करते हैं। क्या आपको यह फैसला सही लगा? कमेंट्स में बताएं!












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