बैकफुट पर आए कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष, हिंदू शब्द को गंदा बताने वाले बयान पर मांगी माफी
कर्नाटक पीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष सतीश जारकीहोली ने हाल ही में एक विवादित बयान दिया था। उनके बयान से कांग्रेस ने तुरंत पल्ला झाड़ लिया, साथ ही पार्टी के अंदर भी उनका विरोध शुरू हो गया। ऐसे में वो अब बैकफुट पर आ गए हैं और अपने बयान के लिए माफी मांग ली। इसके अलावा उन्होंने बसवराज बोम्मई को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने उन लोगों की खोज के लिए एक कमेटी गठित करने की मांग की, जिन्होंने उन्हें हिंदू विरोधी के रूप में बदनाम करने की कोशिश की है।

दरअसल बीते दिनों सतीश जारकीहोली कर्नाटक के बेलगावी जिले के निप्पान्नी इलाके में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। वहां पर उन्होंने कहा था कि हिंदू धर्म, ये धर्म-वो धर्म...हिंदू शब्द कहां से आ गया? यह हमारा है क्या...यह तो पर्शियन (फारस) का है। ईरान, ईराक, उजबेकिस्तान, कजाकिस्तान...इसका भारत से क्या संबंध है? ऐसे में हिंदू शब्द आपका कैसे हो गया? इस बात पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा था कि सोशल मीडिया पर देखो, आपका नहीं है ये शब्द, फिर आप लोगों ने इसको क्यों इतना सिर पर चढ़ा रखा है। इसका मतलब बहुत गंदा है। अगर इसका मतलब समझ आएगा, तो शर्म आ जाएगी।
कांग्रेस ने भी उनके बयान से पल्ला झाड़ लिया था। अब उन्होंने कर्नाटक सीएम को लिखे पत्र में कहा कि 6 नवंबर को निप्पान्नी में आयोजित एक रैली में मैंने कहा था कि हिंदू शब्द फारसी मूल का है। मैंने सवाल उठाए कि ये भारत में कैसे आया? मैंने कहा था कि कई लेखकों के लेखों में इस शब्द के ऐसे अर्थ हैं, जिन्हें बहुत बुरा माना जा सकता है। मैंने कहा कि इस मुद्दे पर बहस की जरूरत है। मेरा बयान विकिपीडिया के लेखों, शब्दकोशों और इतिहासकारों के लेखों पर आधारित था, लेकिन कुछ लोग मुझे हिंदू विरोधी बताने की कोशिश कर रहे हैं। ये मुझे बदनाम करने और मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की सुनियोजित साजिश है। मैं अपना बयान वापस लेते हुए खेद व्यक्त कर रहा, ताकि जनता के मन में भ्रम ना पैदा हो।












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