कोलकाता कांड: एक महीने बाद विरोध-प्रदर्शनों के बीच कोलकाता में दिखने लगा है ये सकात्मक बदलाव
Kolkata News: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के मामले को एक महीने गुजर चुके हैं। इस एक महीने में इस जघन्य वारदात के खिलाफ जिस तरह से विरोध-प्रदर्शन हुआ है, वह अप्रत्याशित और अभूतपूर्व है। यह आंदोलन अभी भी जारी है, लेकिन इसी दौरान दुर्गा पूजा से पहले थोड़ा सकारात्मक माहौल भी तैयार होने लगा है।
कोलकाता में पीड़ित ट्रेनी डॉक्टर को न्याय दिलाने के लिए डॉक्टरों के साथ आम जनता भी सड़कों पर उतरी हुई है। पूरे प्रदेश में लगभग एक जैसा आलम है। लेकिन, तथ्य यह भी है कि इस घटना को महीने गुजरे हैं तो करीब एक महीने बाद बंगालियों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार दुर्गा पूजा भी शुरू होने वाला है।

प्रदर्शनों के बीच बढ़ने लगी कारोबारी गतिविधियां
कोलकाता में विरोध-प्रदर्शनों का दौर तो पहले की तरह जारी है, लेकिन एक सकारात्मक बात ये है कि आरजी कर की घटना के करीब एक महीने तक लगभग ठप रहने वाली कारोबारी गतिविधियों में फिर से जान आती महसूस हो रही है। कोलकाता के न्यू मार्केट, गरियाहाट और बड़ा बाजार जैसे परंपरागत बिजनेस सेंटर में भीड़ धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।
हमने सारी उम्मीदें छोड़ दी थी- दुकानदार
शनिवार को दोपहर में जोरदार विरोध-मार्च के बावजूद शाम आते-आते न्यू मार्केट में खरीदारों की चहलकदमी बढ़ गई। महिलाओं के कपड़ों की दुकान चलाने वाले अतहर इकबाल ने टीओआई से कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो इतने लंबे इंतजार के बाद हमने सारी उम्मीदें छोड़ दी थी। लेकिन, शनिवार हमारे लिए चौंकाने वाला रहा, क्योंकि बिक्री अच्छी रही। आने वाले हफ्तों के लिए यह अच्छा संकेत है।'
जुलाई की तुलना में अगस्त में 60% घट गई थी बिक्री- दुकानदार
हालांकि, कारोबारी अभी भी ये उम्मीद नहीं कर पा रहे हैं कि हालात पिछले साल के आसपास जैसी भी हो पाएगी। एसएस हॉग मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अशोक गुप्ता के मुताबिक, 'जुलाई की तुलना में अगस्त में 60% तक बिक्री घट गई। इसलिए 2023 से इसकी तुलना करना भी बेमानी है। आने वाले कुछ दिन महत्वपूर्ण होंगे।'
कोलकाता के आसपास के इलाकों में दुर्गा पूजा के लिए होने लगी खरीदारी
खरीदारों की रुझान साड़ी के होलसेल मार्केट में भी बढ़ा है, जो कि एक अच्छा संकेत माना जा रहा है। कलाकार स्ट्रीट पर एक साड़ी शॉप के मालिक नंदलाल मोदी ने कहा, 'हमें उपनगरीय इलाकों और पास के जिलों से बहुत सारे ग्राहक मिल रहे हैं, जो अपनी दुकानों में समान स्टॉक करने के लिए भारी मात्रा में खरीदारी करते हैं। इन छोटे दुकानदारों का कहना है कि उनके जिलों में लोगों ने अपनी पूजा की खरीदारी स्थानीय बाजारों में शुरू कर दी है।'
हातिबागान में अभी भी मायूस हैं व्यापारी
लेकिन, हातिबागान के कारोबारियों का कहना है कि उनका कारोबार अभी भी ठप है। यह इलाका आंदोलन के केंद्र आरजी कर से बिल्कुल पास में है। श्याम बाजार हातिबागान हॉकर्स एसोसिएशन के एक सदस्य प्रभात दास का कहना है, 'साल के इस समय में पिछले साल तक रोजाना आने वाले कस्टमर की संख्या करीब 10,000 होती थी। लेकिन, प्रदर्शन की वजह से हमें इसके आधे कस्टम भी नहीं मिल रहे हैं।'
'पहले की तरह दुर्गा पूजा नहीं मनाऊंगी, लेकिन बच्चों के लिए शॉपिंग की जरूरत'
वैसे दक्षिण कोलकाता के गरियाहाट में भी बिजनेस पिछले कुछ दिनों से बढ़ने लगा है। बेहाला चौरास्ता की एक दुकानदार बिनीता सेनगुप्ता ने कहा, 'युवा डॉक्टर के साथ जो कुछ भी हुआ उससे मुझे क्रोध है और मैं आहत हूं और पिछले सालों की तरह पूजा भी नहीं मनाऊंगी, लेकिन फिर भी मुझे मेरे बच्चों और रिश्तेदारों के लिए थोड़ी शॉपिंग करने की जरूरत है।'












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