राजनाथ सिंह ने किया भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर स्मार्ट फेंसिंग को लॉन्च, जानिए क्या है इजरायल से आई इस टेक्नोलॉजी में खास
नई दिल्ली। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज भारत-पाकिस्तान पर स्मार्ट फेंसिग का उद्घाटन। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की तरफ से लगातार होने वाली घुसपैठ को रोकने में यह तकनीक कारगर साबित होगी। साल 2016 में जब जम्मू कश्मीर के उरी स्थित आर्मी कैंप पर आतंकी हमला हुआ तो उसके बाद से ही आतंकियों को रोकने वाली टेक्नोलॉजी के प्रयोग पर बातें होने लगीं। साल 2017 में केंद्र सरकार की ओर से इस बात की ऐलान किया गया था कि भारत, बॉर्डर पर इजरायल की तर्ज पर स्मार्ट फेंसिंग के प्रोजेक्ट को लॉन्च करेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच करीब 3,323 किलोमीटर लंबी अंतराष्ट्रीय सीमा है।
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इजरायल की फेवरिट है स्मार्ट फेंसिंग
यह नई लेजर फेंसिंग मल्टी-टीयर सिक्योरिटी उपकरणों से लैस होगी जिसमें अलार्म भी है। दीवार काटकर घुसपैठ की किसी भी कोशिश में सिक्योरिटी फोर्सेज को अलार्म के जरिए अलर्ट कर दिया जाएगा।सभी मुश्किल और संवेदनशील जगहों पर इसे इंस्टाल किया जाएगा। इस इंस्टॉलेशन के बाद सामान्य ट्रूप्स पेट्रोलिंग सिस्टम को क्विक रिएक्शन टीम पैटर्न में बदल दिया जाएगा। ऐसा होने पर गार्ड्स सर्विलांस रडार पर घुसपैठ की मुश्किल की स्थिति में तुरंत हमला कर सकेंगे। वर्तमान समय में स्मार्ट फेंसिंग 700 किलोमीटर की दूरी पर है। इस तरह की स्मार्ट फेंसिंग का प्रयोग इजरायल पिछले कई वर्षों से करता आ रहा है।

सीसीटीवी से हर सेकेंड रखी जाएगी नजर
हाल ही में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के डीजी केके शर्मा ने इस स्मार्ट फेंसिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि बीएसएफ, काम्प्रेहेन्सिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (सीआईबीएमएस) को लागू करने जा रहा है। उन्होंने इसे बॉर्डर पर सिक्योरिटी को लेकर एक बहुत बड़ा बदलाव करार दिया था। उन्होंने कहा था कि अब हम क्विक रिएक्शन टीम यानी क्यूआरटी की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया था बॉर्डर पर लगे नए इक्विपमेंट्स और टेक्नोलॉजीज को सीसीटीवी के जरिए आपस में जोड़ा जाएगा। जिन पर पोस्ट्स पर इंस्टॉल मॉनिटर की मदद से हर सेकेंड नजर रखी जाएगी। तीन व्यक्तियों की मदद से इस 24 घंटे नजर रखी जाएगी।

असम और पश्चिम बंगाल में होगा प्रयोग
स्मार्ट फेंस में सतर्कता, निगरानी, कम्यूनिकेशन और डाटा स्टोरेज के लिए कई इक्विपमेंट्स का प्रयोग होता है। सेंसर जैसे थर्मल इमेजर, अंडरग्राउंड सेंसर, फाइबर ऑप्टिकल सेंसर, रडार और सोनार आदि इक्विपमेंट्स स्मार्ट फेंस में विभिन्न स्थानों जैसे एयरोस्टेट, टावर और खंभों पर लगे होते हैं। डीजी शर्मा ने बताया कि घुसपैठ के समय जैसे ही अलार्म बजेगा वैसे ही नाइट विजन कैमरो को प्रयोग में लाकर जूम करके स्थिति देखी जाएगी। अगर यह प्रयोग जम्मू में सफल हुआ तो फिर इसे असम के धुबरी के अलावा पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में भी प्रयोग में लाया जाएगा।

तो सील होगा पूरा बॉर्डर
पाकिस्तान की तरफ से कई बार फेंसिंग को काट कर दाखिल होने की कोशिशें की जाती हैं। भारत और पाकिस्तान की सीमा चार राज्यों, जम्मू कश्मीर (1,225 किमी जिसमें 740 किमी एलओसी है), राजस्थान (1,037 किमी), पंजाब (553 किमी) और गुजरात (508 किमी) से होकर गुजरती है। सरकार ने वर्ष 2 018 तक भारत-पाकिस्तान बॉर्डर को पूरी तरह से सील करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।












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