लेडी सिंघम ने बताया, कैसे मासूम के रेपिस्ट को सऊदी से पकड़कर लाने में हुईं कामयाब
लेडी सिंघम ने बताया, कैसे मासूम से रेप के आरोपी को सऊदी से पकड़कर लाने में हुईं कामयाब
नई दिल्ली। केरल पुलिस की महिला अफसर डीसीपी मेरिन जोसेफ एक बार फिर चर्चाओं में हैं। एक 13 साल की मासूम बच्ची से रेप कर दो साल पहले सऊदी अरब भाग चुके शख्स को आईपीएस मेरिन पकड़कर भारत ले आई हैं। केरल में किए गए किसी अपराध के लिए सऊदी अरब से आरोपी को पकड़कर भारत लाए जाने का यह पहला केस है। इस गिरफ्तारी के बाद हर तरह आईपीएस मेरिन के जज्बे की चर्चा हो रही है और लोग उन्हें रियल लाइफ का सिंघम बता रहे हैं। आईपीएस मेरिन के इस कारनामे से पुलिस को लेकर भी लोगों का विश्वास एक बार फिर मजबूत हो गया है। अब एक इंटरव्यू में आईपीएस मेरिन जोसेफ ने इस केस को लेकर कुछ अहम बातें बताई हैं।

'अपराधियों को मैं एक सख्त मैसेज देना चाहती थी'
'इंडिया टुडे' को दिए गए इंटरव्यू में आईपीएस मेरिन जोसेफ ने इस केस के बारे में जानकारी देते हुए बताया, 'हम लोगों में से कोई भी प्रत्यर्पण की प्रक्रियाओं के बारे में नहीं जानता था, क्योंकि हमारे सामने ऐसा मामला पहले कभी नहीं आया था। लेकिन, मैं हमेशा से ही महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराध के केसों को विशेष तौर पर लेती रही हूं। मै चाहती थी कि मासूम बच्ची से रेप करने वाले उस शख्स को सजा दिलाने के लिए पकड़कर भारत लाया जाना चाहिए। मैं उन लोगों को एक स्पष्ट और सख्त संदेश देना चाहती थी, जो ये सोचते हैं कि वो कोई भी गंभीर अपराध करने के बाद विदेश भागकर कानून की पकड़ से बच सकते हैं।'

'उस मासूम को न्याय दिलाना मेरी जिम्मेदारी थी'
आईपीएस मेरिन जोसेफ ने आगे बताया, 'ये एक बहुत ही जघन्य मामला था, जहां पीड़िता ने रेप के बाद आत्महत्या कर ली थी। मुझे महसूस हुआ कि उस बच्ची को न्याय दिलाने के लिए कुछ करना मेरी जिम्मेदारी है। मैं जानती थी कि इस तरह के मामलों को लेकर भले ही कितना भी शोर मचे लेकिन कुछ समय बाद लोग उसे भूलकर आगे बढ़ जाते हैं और पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाता है। खासकर तब, जब पीड़ित परिवार गरीब हो और उनके पास इंसाफ की लड़ाई जारी रखने के लिए पर्याप्त संसाधन ना हों। मुझे लगता है कि महिलाओं और बच्चों के हक में बहुत कम लोग ही आवाज उठा पाते हैं और इसीलिए उन्हें न्याय मिलने में सबसे ज्यादा मुश्किल आती है।'

13 साल की बच्ची से रेप कर सऊदी भागा आरोपी
आपको बता दें कि पहली बार देश में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक महिला पुलिस अफसर रेप के आरोपी को सऊदी अरब से पकड़कर भारत लेकर आई हैं। मामला केरल के कोल्लम जिले का है। यहां 2017 में 13 साल की एक बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया था। रेप करने वाले शख्स का नाम सुनील कुमार भद्रन था, जो पीड़िता के मामा का दोस्त था और सऊदी अरब में काम करता था। सुनील अक्सर अपनी छुट्टियां बिताने के लिए भारत आता रहता था। करीब 2 साल पहले वो भारत आया और अपने दोस्त की भांजी के साथ लगातार तीन महीने तक रेप किया। पीड़िता ने जब अपने परिजनों को इस बारे में बताया तो वो पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। पुलिस जब तक कुछ कार्रवाई करती, आरोपी वापस सऊदी अरब भाग चुका था। इस घटना के कुछ ही दिनों बाद ही पीड़िता ने आत्महत्या कर ली।

मेरिन ने निकलवाई केस की फाइल
इसके बाद लोगों ने इस घटना को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ इंटरपोल ने नोटिस जारी कर दिया। इंटरपोल नोटिस जारी होने के बावजूद आरोपी सुनील कुमार भद्रन पुलिस की गिरफ्त से फरार रहा। साल 2019 में आईपीएस अधिकारी मेरिन जोसेफ ने डिप्टी कमिश्नर के तौर पर कोल्लम में चार्ज संभाला और महिलाओं व बच्चियों के खिलाफ हुए अपराधों की लंबित फाइलें निकलवाईं। इस दौरान मेरिन जोसेफ की नजर दो साल पुराने उस रेप केस पर पड़ी, जिसमें आरोपी सऊदी अरब भाग चुका था। इस मामले में केस के दो साल बाद भी पुलिस के हाथ खाली थे। इसके बाद आईपीएस मेरिन ने आरोपी को सऊदी अरब से पकड़कर भारत लाने का जिम्मा उठाया।

लोगों ने कहा, ये लेडी सिंघम है
आईपीएस मेरिन जोसेफ ने बताया कि इस मामले में केरल पुलिस की अंतर्राष्ट्रीय जांच एजेंसी, सऊदी अरब की पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही थी। मेरिन जोसेफ और उनकी टीम सऊदी अरब के रियाद पहुंची और आरोपी की तलाश में जुट गई। सऊदी पुलिस के साथ मिलकर मेरिन ने इस केस पर बारीकी से काम किया और आखिरकार आरोपी सुनील कुमार भद्रन तक पहुंच गईं। इसके बाद कुछ कागजी कार्यवाही हुई और आईपीएस मेरिन आरोपी सुनील को पकड़कर भारत ले आईं। केरल में किए गए किसी अपराध के लिए सऊदी से भारत लाया जाने वाला सुनील ऐसा पहला शख्स है। इस केस को सुलझाने और आरोपी को सलाखों के पीछे डालने के बाद आईपीएस मेरिन जोसेफ की काफी तारीफ हो रही है। लोग मेरिन को रीयल लाइल की लेडी सिंघम बता रहे हैं।












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