भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

केरल सरकार ने बाढ़ के लिए पड़ोसी राज्य तमिलनाडु को ठहराया जिम्मेदार

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश की वजह से केरल के कई हिस्सों में बाढ़ ने लोगों का जीवन तबाह कर दिया है, उसके लिए केरल सरकार ने पड़ोसी राज्य तमिलनाडु को जिम्मेदार ठहराया है। केरल सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है जिसमे कहा गया है कि तमिलनाडु द्वारा मुल्लापेरियार बाध के जल स्तर को कम नहीं किया गया है, जिसकी वजह से यह त्रासदी आई है, जिसमे अबतक 373 लोगों की जान चली गई है।

    kerala

    सुप्रीम कोर्ट में केरल सरकार द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है कि मुल्लापेरियार बांध का जल स्तर कम करने की अपील की गई गई थी, लेकिन इसे ठुकरा दिया गया, साथ ही इस बांध से अचानक पानी छोड़ने की वजह से बाढ़ के हालात पैदा हो गए और प्रदेश में इतनी बड़ी आपदा आई। केरल सरकार का कहना है कि उसने कई बार तमिलनाडु सरकार से अपील की थी कि वह बांध के जल स्तर को 142 फीट से कम करके 139 फीट कर दे, लेकिन इस अपील को ठुकरा दिया गया।

    ता दें कि केरल में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। सदी की सबसे भयावह त्रासदी झेल रहे केरल के लोगों को अब जाकर बारिश से राहत मिली है जबकि कई इलाकों में पानी कम होने के बाद जनजीवन पटरी पर लौट रहा है। केरल के लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास लोगों ने किए हैं। सोशल मीडिया के जरिए भी लोग मदद के लिए आगे आए हैं और इस मुसीबत की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।

    इसे भी पढ़ें- Kerala Floods: इमरान खान ने कहा- पाकिस्तान हर संभव मदद करने को तैयार

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Kerala government tell SC that Tamilnadu gov is responsible for the floods.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more