केरल में BLO की दर्दनाक मौत ने खोला बड़ा सच? भारी दबाव, राजनीतिक दखल और सिस्टम की सच्चाई पर उठे सवाल
Kerala Booth Level Officer dies: केरल के कन्नूर जिले में एक बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO की आत्महत्या ने पूरे राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक बहस छेड़ दी है। यह घटना न सिर्फ चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों पर कितना मानसिक और काम का बोझ डाला जाता है।
घटना क्या है?
पेयनूर, कन्नूर में रहने वाले अनीश जॉर्ज, जो पेशे से एक स्कूल अटेंडेंट थे और पार्ट-टाइम BLO की ड्यूटी निभा रहे थे, अपने घर में मृत पाए गए। परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह राज्य की निर्वाचन सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े काम को लेकर बेहद तनाव में थे। उनके पिता और जीजा का कहना है कि अनीश कई दिनों से देर रात तक काम कर रहे थे और डरे हुए थे कि कहीं काम में गलती होने पर उनकी नौकरी न चली जाए।

भारी काम का बोझ और अव्यावहारिक डेडलाइन
कई कर्मचारी संगठनों और राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को लेकर BLOs पर अत्यधिक दबाव डाल रखा था। यह प्रक्रिया वैसे ही बहुत विस्तृत होती है, ऊपर से स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी के समय इसे लागू करने से दबाव कई गुना बढ़ गया।
राज्य के चीफ इलेक्ट्रोरल ऑफिसर ने आरोपों को किया खारिज
इन संगठनों का कहना है कि BLOs पर अनौपचारिक डेडलाइन थोपी जा रही थीं। काम बहुत ज्यादा थी। अधिकारियों का दबाव उन्हें मानसिक रूप से तोड़ रहा था हालांकि, राज्य के चीफ इलेक्ट्रोरल ऑफिसर और कन्नूर जिला कलेक्टर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि अनीश जॉर्ज का काम संतोषजनक था। BLOs को केवल निश्चित समय तक SIR की ड्यूटी दी गई थी। उन पर किसी तरह का अतिरिक्त दबाव नहीं था।
राजनीतिक दबाव का आरोप भी सामने आया
इधर, कांग्रेस नेताओं ने एक नया मोड़ दे दिया है। उनका आरोप है कि CPM कार्यकर्ताओं ने अनीश जॉर्ज को धमकाया था। आरोपों के अनुसार, अनीश जब अनजान इलाकों में घर-घर सत्यापन के लिए जाते थे, तो वे साथ में कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट को ले जाते थे। इसी बात पर उन्हें कथित रूप से धमकाया गया और कहा गया कि वे कांग्रेस एजेंट को अपने साथ न रखें।
स्थानीय CPM नेतृत्व ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह सब राजनीतिक रूप से प्रेरित बयान हैं और असली मुद्दा काम से जुड़े दबाव का है।
जांच की मांग और प्रशासन की कार्रवाई
विपक्षी दलों ने इस आत्महत्या की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच में दो पहलुओं को स्पष्ट किया जाए
- BLOs पर काम का असामान्य दबाव
- राजनीतिक धमकियों का आरोप
- उधर, चीफ इलेक्ट्रोरल ऑफिसर ने कन्नूर के जिला कलेक्टर से पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह साफ हो सके कि वास्तव में किन परिस्थितियों में अनीश ने यह कदम उठाया।
चुनाव आयोग का रुख
चुनाव आयोग का कहना है कि SIR प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार ही जारी रहेगी। कई BLOs ने काम पूरा भी कर लिया है। इस बयान से साफ है कि आयोग फिलहाल प्रक्रिया में किसी बदलाव के मूड में नहीं है।
मदद बस एक कॉल दूर
पहचान पूर्णतः गोपनीय , पेशेवर परामर्श सेवा
iCALL मेंटल हेल्पलाइन नंबर: 9152987821
सोम - शनि: सुबह 10 बजे - शाम 8 बजे












Click it and Unblock the Notifications