Kejriwal: जेल से दिल्ली सरकार चला भी लें केजरीवाल! लेकिन देश में इस चुनौती को कैसे झेल पाएगी AAP?
Kejriwal Latest News: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री दावा कर रहे हैं कि वह सीएम बने रहेंगे और जेल के अंदर से भी सरकार चलाएंगे। अगर आतिशी जैसी दिल्ली सरकार की मंत्री का यह दावा तकनीकी तौर पर सही भी लग रहा हो, लेकिन सवाल है कि लोकसभा चुनाव में 'आप' का चेहरा कौन होगा?
दिल्ली के सीएम केजरीवाल आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक हैं। वही पार्टी के एकमात्र ऐसे चेहरा हैं, जिनको आगे रखकर पार्टी ने पंजाब में भी सरकार बनाई है। इस बार लोकसभा चुनाव में पार्टी दिल्ली, पंजाब के साथ ही हरियाणा और गुजरात में भी चुनाव लड़ रही है।

आम आदमी पार्टी के एकमात्र राष्ट्रीय चेहरा हैं केजरीवाल
2011 के भ्रष्टाचार-विरोधी अन्ना हजारे के आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी 2012 में बनी थी और एक साल बाद ही 2013 केजरीवाल ने दिल्ली में कांग्रेस के समर्थन से अपनी पहली सरकार बना ली थी। तब से लेकर आजतक आम आदमी पार्टी में ऐसा कोई दूसरा चेहरा नहीं उभरा हो जो राजनीतिक स्तर पर उनके कद के बराबर हो।
केजरीवाल के नंबर-2 सिसोदिया भी जेल में
केजरीवाल के बाद आम आदमी पार्टी में दूसरा सर्वमान्य चेहरा दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का रहा है। वह शराब घोटाले में पहले से ही सलाखों के पीछे हैं। सिसोदिया का कद पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर केजरीवाल के ठीक बाद का कहा जा सकता है, जो आंदोलन के शुरुआती दिनों से उनके साथ रहे हैं।
आम आदमी पार्टी नंबर-3 भी तिहाड़ में
तीसरा चेहरा राज्यसभा सांसद संजय सिंह का है। उन्होंने सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ मुखरता दिखाकर अपनी एक अलग छवि जरूर तैयार की है और उन्हें भी उन तमाम राज्यों में अब लोग राजनीतिक रूप से पहचानने लगे हैं, जहां आम आदमी पार्टी ने अपना थोड़ा-बहुत भी जनाधार तैयार किया है। लेकिन, संजय सिंह भी शराब घोटाले में ही तिहाड़ में पड़े हुए हैं।
आतिशी और सौरभ भारद्वाज की दिल्ली तक में पहचान
इन सबके अलावा दिल्ली में आम आदमी पार्टी के जो भी चेहरे हैं, जैसे कि कैबिनेट मंत्री आतिशी या सौरभ भारद्वाज, इनका दिल्ली की सत्ता से बाहर अबतक कोई खास राजनीतिक वजूद नहीं बन पाया है।
हालांकि, दिल्ली सरकार में इनके पास विभागों की भरमार जरूर है, लेकिन चुनावों में पार्टी को वोट चाहिए और ये नेता उनमें सक्षम हैं, फिलहाल यह मान लेने की कोई वजह नहीं है।
पंजाब से बाहर पार्टी के कितने काम आ पाएंगे सीएम भगवंत मान?
पांचवां चेहरा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का हो सकता है, जिनकी पहचान अब राष्ट्रीय स्तर पर जरूर स्थापित हो चुकी है। पिछले कुछ समय से केजरीवाल जब भी राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली से बाहर गए हैं तो सीएम मान उनके साथ जरूर रहे हैं।
लेकिन, सामने लोकसभा चुनाव है और आम आदमी पार्टी का राजनीतिक मंसूबा बहुत बड़ा है। ऐसे में मुख्यमंत्री मान पंजाब के बाहर पार्टी के एजेंडे को कितना आगे बढ़ा पाएंगे यह बहुत बड़ा सवाल है।
क्या सुनीता केजरीवाल से बनेगी बात?
छठा चेहरा अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल का हो सकता है। यह नाम आम आदमी पार्टी के लिए फौरी तौर पर सहानुभूति वोट बटोरने के काम आ सकता है। लेकिन, वो पार्टी के संगठन और समर्थकों पर अपनी राजनीतिक पकड़ आसानी से बना पाएंगी, यह कहना बहुत ही मुश्किल है।
क्योंकि, आम आदमी पार्टी लालू यादव की आरजेडी की तरह किसी जातिगत वोट बैंक पर आधारित पार्टी नहीं है। इसके जो भी समर्थक हैं, उनमें से अधिकांश किसी न किसी वजह से केजरीवाल के नाम पर ही जुड़े हुए हैं। वे उनकी पत्नी के नेतृत्व में भी राबड़ी देवी की तरह पार्टी के लिए समर्पित रहेंगे, राजनीतिक नजरिए से यह मानना बहुत कठिन लग रहा है।












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