सुप्रीम कोर्ट में आज जम्मू कश्मीर में लागू धारा 35A पर सुनवाई, पूरे राज्य में हड़ताल और बंद की स्थिति
आज सुप्रीम कोर्ट में कश्मीर में लागू आर्टिकल 35ए पर सुनवाई होनी है और इसे देखते हुए अलगाववादी नेताओं ने पूरी घाटी में बंद का ऐलान कर दिया है। इस आर्टिकल के बाद जम्मू कश्मीर को एक विशेष राज्य का दर्जा मिलता है।
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श्रीनगर। आज सुप्रीम कोर्ट में कश्मीर में लागू आर्टिकल 35ए पर सुनवाई होनी है और इसे देखते हुए अलगाववादी नेताओं ने पूरी घाटी में बंद का ऐलान कर दिया है। इस आर्टिकल के बाद जम्मू कश्मीर को एक विशेष राज्य का दर्जा मिलता है। सुप्रीम कोर्ट में इस आर्टिकल को चुनौती देने वाली एक पीआईएल एक एनजीओ 'वी द सिटीजंस' की तरफ से दायर की गई थी। इस पीआईएल में इस आर्टिकल को राज्य से हटाने की मांग की गई है। रविवार को भी घाटी में इसी धारा की वजह से हड़ताल की स्थिति थी। इस हड़ताल का असर अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा था। ये भी पढ़ें-15 अगस्त को जैश के 20 आतंकी सेना के शिविरों पर हमला करने की फिराक में

एक दिन के लिए रोकी गई अमरनाथ यात्रा
रविवार को हड़ताल की अपील सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक के ग्रुप ज्वॉइन्ट रेजिस्टान्स ग्रुप यानी जेएलआर की ओर से बुलाई गई थी। इस हड़ताल की वजह से एतिहातन अमरनाथ यात्रा को एक दिन के लिए रद्द करना पड़ गया था। इसकी वजह से जम्मू में सैंकड़ों तीर्थयात्रियों को रोका गया था। 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा दक्षिण कश्मीर में पड़ती है। अधिकारियों के मुताबिक इस यात्रा की अनुमति रविवार को नहीं दी जा सकती थी लेकिन सोमवार को यात्रा पहले की तरह ही शुरू होगी। पूरे जम्मू कश्मीर में जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन जारी थे। श्रीनगर के लाल चौक पर भी प्रदर्शन हुए और श्रीनगर के कई इलाकों में रैलियां निकाली गईं। कुछ जगहों पर पत्थरबाजी की घटनाएं भी हुईं लेकिन किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं थी। सुरक्षाबलों के साथ भी लोगों की झड़प हुईं।

जगह-जगह पर तैनात है पैरामिलिट्री फोर्सेज
जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद ने उन रिपोर्ट्स से इनकार किया है कि राज्य में हिंसा और अशांति की स्थिति हो सकती है। उन्होंने बताया कि घाटी में सभी संवेदनशील इलाकों में पैरामिलिट्री फोर्सेज तैनात कर दी गई है। राज्य में नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी की ओर से पिछले कुछ दिनों से इस आर्टिकल के पक्ष में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। सुप्रीम कोर्ट में एक पक्ष की तरफ से इस याचिका को खारिज करने की मांग भी की जा रही है। इस पक्ष का कहना है कि राज्य में इस समय पंचायत, शहरी निकायों और नगरपालिका के चुनाव होने हैं और इस बात का ध्यान रखा जाए।

पूर्व सीएम ने दी चेतावनी
राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने चेतावनी दी है कि राज्य की वर्तमान स्थिति से छेड़छाड़ करने के बाद पूरे देश को विनाशकारी परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। आर्टिकल 35ए राष्ट्रपति के आदेश के बाद संविधान में शामिल किया गया था। इस आर्टिकल के बाद जम्मू कश्मीर में दूसरे राज्यों से आने वाले लोग यहां पर अचल सपंत्ति नहीं खरीद सकते हैं। इाके अलावा ऐसे महिलाएं जिन्होंने दूसरे राज्य के किसी व्यक्ति से शादी की है उन्हें भी संपत्ति में कोई हक नहीं मिलेगा।












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