टारगेट किलिंग के लिए फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' जिम्मेदार है? कश्मीरी पंडितों ने कही ये बात
नई दिल्ली, जून 04। जम्मू कश्मीर में बढ़ती टारगेट किलिंग की घटनाओं ने एकबार फिर से 1990 के समय की यादें ताजा कर दी हैं। घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडित आज फिर उसी डर से गुजर रहे हैं। कश्मीरी पंडितों की हत्या की घटनाओं के खिलाफ देश में आक्रोश है तो वहीं राजनेताओं का कहना है कि यह सब विवेक अग्निहोत्री की फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' का असर है। हालांकि कश्मीरी पंडितों ने ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

'टारगेट किलिंग के लिए फिल्म जिम्मेदार नहीं'
दरअसल, शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कश्मीर में हो रही टारगेट किलिंग की घटनाओं के खिलाफ एक दिन का अनशन किया। यहां आए प्रदर्शनकारी हिंदुओं और गैर-कश्मीरियों पर हो रहे हमलों को लेकर सरकार से सुरक्षा की मांग कर रहे थे। इन्हीं में से एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि टारगेट किलिंग की घटनाओं के लिए 'द कश्मीर फाइल्स' बिल्कुल भी जिम्मेदार नहीं है। उस प्रदर्शनकारी ने कहा कि घाटी में जो वर्तमान स्थिति है, उसके लिए विवेक अग्निहोत्री की फिल्म जिम्मेदार नहीं है।
स्थानीय प्रशासन की है गलती- कश्मीरी पंडित
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अमित रैना नाम के उस प्रदर्शनकारी ने कहा कि उस फिल्म में पूरी तरह से सच्चाई दिखाई गई है। अमित ने इस दौरान टारगेट किलिंग की घटनाओं के लिए स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन ने कुछ गलतियां हुई हैं, जैसे कि उन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को साइडलाइन करना जिनके पास घाटी में काम करने का कई सालों का अनुभव था। अमित ने कहा कि सरकार को इस बात को समझना चाहिए कि कश्मीर एक अलग तरह का राज्य है। भले ही आर्टिकल 370 को हटाने के बाद कुछ सख्ती की गई थी, लेकिन अब उसमें ढिलाई दी गई है।












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