Karnataka: सौम्या रेड्डी Vs सौम्या रेड्डी की जंग में, बीजेपी से 16 वोटों से जयनगर सीट हारी कांग्रेस!
Karnataka election result: बेंगलुरु की जयनगर सीट के परिणाम को लेकर बड़ा ही रोचक तथ्य सामने आया है। कांग्रेस उम्मीदवार 16 वोटों से हारी हैं। जबकि उन्हीं की हमनाम निर्दलीय प्रत्याशी को 320 वोट मिले हैं।

कर्नाटक चुनाव में बेंगलुरु की जयनगर सीट पर कई बार पुनर्मतगणना के बाद कांग्रेस की प्रत्याशी 16 वोटों से हार गईं। यह राज्य में हार का सबसे कम मार्जिन है। यहां कांग्रेस की प्रत्याशी सौम्या रेड्डी को बीजेपी के सीके राममूर्ति ने हारते-हारते हराया है। लेकिन, काउंटिंग के बाद यहां हुए चुनाव में कुछ रोचक तथ्य उभरकर सामने आए हैं।

हमनाम के चक्कर में कांग्रेस उम्मीदवार की हार!
कांग्रेस उम्मीदवार सौम्या रेड्डी का आरोप है कि उनकी हार एक निर्दलीय उम्मीदवार की वजह से हुई है, जिसे 320 वोट मिले हैं, क्योंकि वह उनकी हमनाम हैं। उनका यह भी आरोप है कि उन्हें बीजेपी ने जानबूझकर खड़ा किया था, ताकि वोटर कंफ्यूज हो जाएं। इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार सीके राममूर्ति को विजयी घोषित किया गया है।

बीजेपी ने डमी को उतारा- कांग्रेस प्रत्याशी के एमएलए पिता
कांग्रेस प्रत्याशी सौम्या के पिता और बेंगलुरु की बीटीएम लेआउट सीट से काग्रेस से निर्वाचित हुए उनके पिता रामलिंगा रेड्डी का आरोप है कि निर्दलीय प्रत्याशी सौम्या ए रेड्डी बीजेपी की डमी उम्मीदवार थीं और उन्हें उनकी बेटे को हराने के लिए उतारा गया था।
यह मेरा खुद का फैसला था- सौम्या ए रेड्डी
निर्दलीय प्रत्याशी सौम्या ए रेड्डी ने अंग्रेजी अखबार टीओआई से कहा है कि वह इंदलवाड़ी पंचायत की सदस्य हैं और अनेकल तालुक में उन्हें बीजेपी का समर्थन है। लेकिन, उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया है कि वह भाजपा की डमी उम्मीदवार थीं। उनके मुताबिक वह 'यह देखना चाहती थी' कि विधानसभा चुनाव लड़ना कैसा लगता है और 'यह मेरा खुद का फैसला था।'
'मैं जानती थी कि मैं नहीं जीतूंगी'
ये वाली सौम्या एक योगा प्रशिक्षक हैं और पेशे से इवेंट मैनेजमेंट का भी काम करती हैं। उन्होंने कहा, 'अनेकल, जहां मैं पैदा हुई और पली-बढ़ी, एससी के लिए सुरक्षित चुनाव क्षेत्र है और वहां मैं नहीं लड़ सकती। इसलिए मैं जयनगर आ गई। मैं जानती थी कि मैं नहीं जीतूंगी। मैंने प्रचार नहीं किया, ना ही मैं काउंटिंग वाले दिन काउंटिंग सेंटर पहुंची। मैं घर पर थी और ऑनलाइन ही रिजल्ट देख रही थी।'

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16 वोटों से जीते भाजपा उम्मीदवार
चुनावों में हमनामों के उतरने की परंपरा कोई नई नहीं है। हर बार यह भी संदेह किया जाता है कि यह वोटरों को भटकाने के लिए किया गया है, ताकि किसी संभावित का खेल खत्म किया जा सके। चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक कांग्रेस प्रत्याशी को कुल 57,781 वोट मिले हैं और बीजेपी के निर्वाचित उम्मीदवार को 57,797 वोट।
कांग्रेस एमएलए ने मतगणना में अनियमितताओं का आरोप लगाया
यहां इतना कड़ा मुकाबला हुआ कि कई बार दोबारा मतगणना करनी पड़ी। रामलिंगा रेड्डी का आरोप यह भी है कि जयनगर में वोटों की गिनती के दौरान कई अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा है कि 'ऑब्जर्वर बाहर आकर बीजेपी एमपी तेजस्वी सूर्या से क्यों बातें कर रहे थे? सेंटर पर सूर्या के आने का कोई मतलब नहीं था। जिस तरह से काउंटिंग हुई उसको लेकर कई मुद्दे हैं। '
अदालत में भी मतगणना को चुनौती देने का ऐलान
उनके मुताबिक उनकी ओर से चुनाव आयोग से विस्तृत शिकायत की गई है और छुट्टियों के बाद जब कोर्ट खुलेंगे तो वे अदालत का भी रुख करेंगे। दरअसल, शनिवार दोपहर बाद तक ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस प्रत्याशी की जीत पक्की है। उन्हें 132 वोटों की बढ़त मिली हुई थी। लेकिन, मार्जिन कम होने की वजह से मुद्दा गर्माया और कई बार रीकाउंटिंग करवानी पड़ी।
आखिरकार देर रात जाकर भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में परिमाम घोषित किया गया और सीके राममूर्ति जीत का निशान दिखाते हुए समर्थकों के साथ बाहर निकले। कर्नाटक में कांग्रेस को 224 में से 135 और बीजेपी को 66 सीटें मिली हैं। जेडीएस 1, निर्दलीय 2 और अन्य 2 सीटों पर जीते हैं।












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