'किसकी पूजा करनी है, ये चुनने का हक सिर्फ मेरा', क्रिसमस पार्टी रोकने आए लोगों को महिला ने सिखाया सबक

बेंगलुरु, 31 दिसंबर: इस साल देश के कई हिस्सों में हिंदूवादी संगठनों द्वारा क्रिसमस पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की रोकने की खबरें सामने आई हैं। कर्नाटक से एक के बाद ऐसी कई घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं। एक ऐसी ही घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें हिंदूवादी संगठन के लोगों द्वारा एक परिवार को ऐसा करने से मना किया जा रहा है। लेकिन इस दौरान उस परिवार की महिलाएं उन लोगों से भिड़ गईं और उन्हें सबक सिखा दिया।

महिला के घर में घुसे लोग

महिला के घर में घुसे लोग

बेंगलुरु से 70 किमी दूर स्थित तुमकुरु जिले से ये घटना सामने आई है। जहां एक एक ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले परिवार के घर में क्रिसमस के तीन दिन बाद कुछ हिंदूवादी संगठन के लोग घुस आए। उन्होंने परिवार से सवाल करने शुरू कर दिए कि वे क्रिसमस क्यों मना रहे हैं और महिलाओं ने हिंदुओं की तरह सिंदूर और मंगलसूत्र क्यों नहीं पहना? जिस पर उस परिवार की महिलाओं ने स्टैंड लिया।

महिला ने सिखाया सबक

महिला ने सिखाया सबक

घटना के वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक उस परिवार के लोगों से पूछता है, 'आप क्रिसमस क्यों मना रहे हो?' उसने आगे पूछा कि परिवार के कुछ लोगों ने "ईसाई धर्म क्यों अपना लिया?' इस पर उस परिवार की महिलाओं में से एक ने कहा, "आप हमसे सवाल करने वाले कौन होते हैं? मैं मंगलसूत्र को हटा सकती हूं और इसे एक तरफ रख सकती हूं। किसकी पूजा करते हैं, यह उनका विशेषाधिकार है।

 परिवार ने धर्मांतरण के आरोपों का खंडन किया

परिवार ने धर्मांतरण के आरोपों का खंडन किया

महिला कि उन लोगों के साथ काफी देर तक तीखी नोकझोंक हुई और पुलिस बुलाने के बाद आखिरकार शांत हो गई। कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई। यही नहीं उस परिवार ने धर्मांतरण के आरोपों का खंडन किया। वहीं एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, परिवार के कुछ सदस्य कई सालों से क्रिसमस मना रहे हैं।

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