Karnataka Politics: कर्नाटक में क्या सिद्धारमैया से छिन रही CM की कुर्सी? कांग्रेस विधायक के बयान से मचा बवाल
Karnataka Politics:कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है। कांग्रेस केकुनिगल से कांग्रेस विधायक एच. डी. रंगनाथ ने ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद सिद्धारमैया से मुख्यमंत्री की कुर्सी छिनने की अटकलें तेज हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि सिद्धारमैया की जगह उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को राज्य की कमान जल्द सौंप दी जाएगी! जानिए सच में क्या ऐसा होने वाला है?
दरअसल, कुनिगल से कांग्रेस विधायक एच. डी. रंगनाथ ने उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार को एक दिन मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा जताई है, जिसके बाद सत्ता परिवर्तन की बहस तेज हो गई है।

विधायक रंगनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस आलाकमान को 2023 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक जीत (224 में से 140 सीटें) में शिवकुमार की भूमिका को मान्यता देनी चाहिए। उन्होंने पीटीआई से कहा, "मेरे राजनीतिक गुरु डी. के. शिवकुमार हैं। हमने उन्हें सामाजिक कार्यों, प्रशासनिक दक्षता और विकास को आगे बढ़ाते हुए देखा है।"
रंगनाथ ने आगे कहा, "हर नेता स्वीकार करता है कि कांग्रेस को 140 सीटें शिवकुमार की कड़ी मेहनत से मिली हैं। इसलिए आलाकमान को उन्हें उचित सम्मान और पद देना चाहिए।" शिवकुमार के रिश्तेदार होने के नाते, रंगनाथ ने व्यक्त किया कि कार्यकर्ताओं और जनता की भावना को देखते हुए यह स्वाभाविक है कि वह आने वाले दिनों में कर्नाटक की बागडोर संभालेंगे।
उन्होंने शिवकुमार की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा, "सुबह 8 बजे से रात 3 बजे तक इतनी मेहनत करने वाला कोई और नेता दिखाइए। उनके पास भगवान का आशीर्वाद, आलाकमान का भरोसा और जनता का प्यार है। इसलिए, एक दिन वह निश्चित रूप से मुख्यमंत्री बनेंगे।" हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि ऐसा कब होगा, तो उन्होंने कहा, "मैं भविष्यवाणी करने के लिए इतना बड़ा नहीं हूं। यह आलाकमान का फैसला है।"
इसी बीच, पूर्व मांड्या सांसद एल. आर. शिवरामे गौड़ा ने भी शिवकुमार के भविष्य को लेकर कोई संदेह न होने की बात कही, लेकिन अंतिम फैसला आलाकमान पर छोड़ दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि नवंबर में सत्ता परिवर्तन संभव है।
हालांकि, इन अटकलों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "लोग कहते रहते हैं कि नवंबर में ढाई साल पूरे हो जाएंगे। मैं कहना चाहता हूं कि आलाकमान का जो भी फैसला हो, हमें उसका पालन करना होगा।"
सिद्धारमैया ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, "अगले साल मैसूर दशहरे पर मैं फूल क्यों न चढ़ाऊं? मुझे उम्मीद है कि मैं चढ़ाऊंगा। मैं इतने सालों से यही करता आ रहा हूं। मैंने ढाई साल पूरे कर लिए हैं और अगले ढाई साल तक सत्ता में बना रहूंगा।"
त्रकारों से बात करते हुए, सिद्धारमैया ने दृढ़ता से कहा, "मैं पूरे पाँच साल के लिए मुख्यमंत्री रहूँगा।" उन्होंने स्वीकार किया कि ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन अगले साल मैसूरु में पारंपरिक दशहरा फूल चढ़ाने सहित कार्यकाल जारी रखने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, "लोग कहते रहते हैं कि नवंबर में ढाई साल पूरे हो जाएँगे। मैं कहना चाहता हूँ कि आलाकमान का जो भी फैसला होगा, हमें उसका पालन करना होगा। मैं अगले साल मैसूरु दशहरे पर फूल क्यों नहीं चढ़ाऊँगा? मुझे उम्मीद है कि मैं चढ़ाऊँगा। मैं इतने सालों से ऐसा करता रहा हूँ।"
गौरतलब है कि कांग्रेस नेतृत्व ने पहले ही पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को सत्ता परिवर्तन पर सार्वजनिक बयान देने से मना किया हुआ है। इस तरह की टिप्पणियों के लिए कई नेताओं को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 11 जुलाई को भी स्पष्ट किया था कि वह अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। पहले चर्चा थी कि कांग्रेस में सत्ता साझाकरण का एक फार्मूला है, जिसके तहत सिद्धारमैया ढाई साल और उसके बाद ढाई साल शिवकुमार मुख्यमंत्री रहेंगे। नवंबर में सिद्धारमैया का ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने की संभावना के कारण राजनीतिक गलियारों में अटकलें फिर से तेज हो गई हैं।












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