Local Reservation पर बंट गया INDIA bloc, क्या कर्नाटक के चक्कर में महाराष्ट्र में बिगड़ेगा समीकरण?

Karnataka Reservation for Locals in Private sector: कर्नाटक में कांग्रेस की सिद्दारमैया सरकार ने कन्नाडिगा लोगों के लिए जो सियासी दांव चलने की कोशिश की है, उसकी राजनीतिक तपिश पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भी महसूस होने लगी है।

इंडिया ब्लॉक के बड़े नेता और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के चीफ शरद पवार ने साफ तौर पर कांग्रेस के इस राजनीतिक हथकंडे को खारिज कर दिया है।

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अदालत के सामने नहीं टिकेगा स्थानीय आरक्षण वाला बिल- शरद पवार
एनसीपी (एससी) के प्रमुख और कांग्रेस के एक बड़े सहयोगी शरद पवार कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के फैसले से असहमत हैं। उन्होंने कहा है कि कर्नाटक ने प्राइवेट सेक्टर में स्थानीय लोगों को आरक्षण देने के लिए जो बिल पास किया है, वह अदालत के सामने नहीं टिकेगा।

रेवड़ी कल्चर पर भी शरद पवार का प्रहार
बुजुर्ग मराठा नेता ने कहा है,'कर्नाटक सरकार का फैसले कोर्ट में नहीं टिक पाएगा, इसे खारिज कर दिया जाएगा....।' यही नहीं, इंडिया ब्लॉक के नेता ने इसी के साथ महाराष्ट्र सरकार की रेवड़ी कल्चर पर भी निशाना साध दिया है और कहा है कि इससे प्रदेश की वित्तीय व्यवस्था बिगड़ेगी और यह सब विवेकपूर्ण नहीं है।

पवार और महाराष्ट्र कांग्रेस की सोच में उभरे मतभेद
अलबत्ता उनका निशाना महाराष्ट्र की महायुति गठबंधन सरकार थी, लेकिन इसकी चोट कांग्रेस शासित कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश तक महसूस हो सकती है। प्राइवेट सेक्टर में स्थानीय लोगों के लिए नौकरियां आरक्षित करने वाला कर्नाटक सरकार का फैसला शरद पवार को तो रास नहीं आ रहा है, वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश में भी ऐसे कानून लाए जाने की वकालत कर रही है।

महाराष्ट्र कांग्रेस ने भी किया है निजी क्षेत्र में स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण का समर्थन
कांग्रेस विधायक और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने बुधवार को कहा था कि अगर मयायुति सरकार कर्नाटक की तरह प्राइवेट सेक्टर में स्थानीय लोगों के लिए नौकरियां आरक्षित करने वाला कोई बिल या अध्यादेश लाती है तो उनकी पार्टी इसका स्वागत करेगी।

कर्नाटक सीएम को डिलीट करनी पड़ी अपनी पोस्ट
दरअसल, कर्नाटक में बुधवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के एक एक्स (ट्विटर) पोस्ट ने पूरे देश में राजनीतिक कोहराम मचा रखा है। हालांकि, वे जब चौतरफा घिरने लगे तो उन्हें अपनी पोस्ट आनन-फानन में डिलीट करनी पड़ गई।

कर्नाटक में कैसे हुआ कांग्रेस सरकार का बड़ा सियासी दांव पहली कोशिश में फेल?
दरअसल, सोमवार शाम को कर्नाटक कैबिनेट ने प्राइवेट सेक्टर में लोकल लोगों के लिए नौकरियां आरक्षित करने वाला बिल पास किया। मंगलवार ka सीएम सिद्दारमैया ने ग्रुप सी और ग्रुप डी के 100% पद स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करने वाला पोस्ट एक्स पर डाल दिय।

बैकफुट पर आई कर्नाटक की कांग्रेस सरकार
बुधवार को सुबह से ही इसपर बवाल शुरू हो गया। सिद्दारमैया ने मजबूरन अपना ट्वीट (एक्स पर पोस्ट) डिलीट कर दिया। बुधवार रात को मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि सरकार विधेयक को रोकेगी, अगली कैबिनेट बैठक में इसपर फिर से चर्चा करेगी।

बाद में कर्नाटक के श्रम मंत्री संतोष लाड को कहना पड़ा, 'हम उद्योगों का गला घोंटने वाला कोई क्रूर कानून नहीं ला रहे हैं....यह निर्देश से ज्यादा अनुरोध है।'

पवार ने खींची कांग्रेस के लिए सियासी लाइन!
महाराष्ट्र में विधानसा चुनावों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। सत्ताधारी महायुति गठबंधन लोकसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन को सुधारने के लिए तरह-तरह की घोषणाएं कर रहा है और उन्हें लोगू भी किया जा रहा है।

ऐसे में विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) की प्रमुख सहयोगी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के सुप्रीमो ने कांग्रेस के चुनावी विचारों की हवा निकालकर अपने बड़े सहयोगी के लिए एक बड़ी सियासी लाइन खींच दी है।

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