चुनाव परिणाम 
मध्‍य प्रदेश - 230
PartyLW
BJP1110
CONG1080
BSP40
OTH70
राजस्थान - 199
PartyLW
CONG1020
BJP722
IND120
OTH110
छत्तीसगढ़ - 90
PartyLW
CONG661
BJP170
BSP+50
OTH10
तेलंगाना - 119
PartyLW
TRS4345
TDP, CONG+813
AIMIM24
OTH31
मिज़ोरम - 40
PartyLW
MNF026
IND08
CONG05
OTH01
  • search
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

    #KarnatakaElections2018: एक MLA वाली मायावती ने कैसे रचा कर्नाटक का चक्रव्यूह, जिसमें बुरी फंसी भाजपा

    |

    नई दिल्ली। कर्नाटक में जारी सियासी संग्राम थमता नहीं दिख रहा है। एक ओर बीजेपी सरकार बनाने का दावा कर रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस के समर्थन से जेडीएस भी मुकाबले में डटी हुई है। बीजेपी को चुनाव में सबसे ज्यादा 104 सीटें आईं, हालांकि बहुमत के लिए 112 सीटों की जरूरत थी। बीजेपी अपनी रणनीति बनाती इससे पहले ही कांग्रेस ने जेडीएस को बिना शर्त समर्थन का ऐलान कर दिया। कांग्रेस के इस फैसले में अहम योगदान बीएसपी सुप्रीमो मायावती का माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जैसे ही चुनाव नतीजों में त्रिशंकु विधानसभा की आहट दिखाई दी, मायावती किंगमेकर के तौर पर खुद आगे बढ़ी। आखिर उन्होंने कैसे जीत के बावजूद बीजेपी का खेल बिगाड़ दिया, पढ़िए आगे।

    जब मायावती ने किया सोनिया गांधी को फोन

    जब मायावती ने किया सोनिया गांधी को फोन

    कर्नाटक चुनाव के नतीजे जैसे ही सामने आए बीएसपी मुखिया मायावती ने समझ लिया कि प्रदेश की जनता ने किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं दिया है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने तुरंत ही मोर्चा संभाला और एक किंगमेकर की तरह सबसे पहले सोनिया गांधी से बात की। इसके बाद उन्होंने जेडीएस के प्रमुख एचडी देवगौड़ा से बात की। मायावती की पूरी कोशिश यही थी कि दोनों पार्टियों के बड़े नेता बीती बातें भूलकर एक साथ आ जाएं।

    बीएसपी सुप्रीमो ने एचडी देवगौड़ा से बात

    बीएसपी सुप्रीमो ने एचडी देवगौड़ा से बात

    कर्नाटक चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए मायावती ने सोनिया गांधी और एचडी देवगौड़ा को समझाया कि वो एक साथ आ जाएं और मिलकर सरकार बनाएं। कर्नाटक के नतीजे देखते हुए मायावती ने सबसे पहले राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ से बात की। अशोक सिद्धार्थ कर्नाटक बीएसपी के इंचार्ज हैं। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ से कहा कि वो कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद से जितनी जल्दी हो मुलाकात करें, इस बारे में समझाएं कि त्रिशंकु विधानसभा की सूरत में कांग्रेस जेडीएस एक साथ आ जाएं।

    कांग्रेस ने ऐसा लिया जेडीएस के साथ जाने का फैसला

    कांग्रेस ने ऐसा लिया जेडीएस के साथ जाने का फैसला

    बीएसपी सुप्रीमो के इस योजना के बाद गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी से कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के लिए बात की। दूसरी ओर खुद मायावती ने सोनिया गांधी और एचडी देवगौड़ा से बात की। आखिरकार कांग्रेस ने जेडीएस का समर्थन करने का फैसला किया। इस तरह से मायावती ने कर्नाटक के पूरे सियासी समीकरण को बदल दिया।

    मायावती ने जेडीएस के साथ किया था चुनाव पूर्व गठबंधन

    मायावती ने जेडीएस के साथ किया था चुनाव पूर्व गठबंधन

    बता दें कि बीएसपी ने इस बार के कर्नाटक चुनाव में जेडीएस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन किया था। चुनाव के दौरान मायावती ने जेडीएस नेताओं के साथ संयुक्त तौर पर रैली भी की। इसका असर भी इस चुनाव में दिखाई दिया। बहुजन समाज पार्टी ने प्रदेश की 20 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें उसे एक सीट पर जीत हासिल हुई।

    इसे भी पढ़ें:- सोनिया-राहुल नहीं, इनका था कुमारस्वामी को CM ऑफर का आइडिया

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    karnataka elections: BSP Supremo Mayawati played role of kingmaker after results, took initiative Sonia Gandhi and Devegowda.
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more