Karnataka Poll Result: कर्नाटक में कांग्रेस की इस बड़ी जीत की ये है 5 बड़ी वजह
Karnataka Poll Result: कर्नाटक में कांग्रेस की प्रचंड जीत हुई है। पार्टी को 130 से अधिक सीटों पर जीत मिलती नजर आ रही है। आइए डालते हैं एक नजर 5 वजहों पर जिसके चलते मिली जीत।

Karnataka Poll Result: कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए इस बार बड़ी जीत दर्ज की है। पार्टी 137 सीटों पर जीत दर्ज करती दिख रही है। प्रदेश में बहुमत के आंकड़े से कहीं आगे निकलते हुए कांग्रेस नजर आ रही है। पार्टी के लिए यह जीत कई मायनों में काफी अहम है।
पूरी पार्टी उतरी मैदान में
पार्टी की ओर से चुनाव प्रचार में जहां स्थानीय शीर्ष कांग्रेस नेताओं सिद्धारमैया, डीके कुमारस्वामी ने हिस्सा लिया तो पार्टी की शीर्ष नेता सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेता चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंचे।
जिस तरह से राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा निकाली और दक्षिण भारत में सबसे अधिक समय बिताया उसका भी कांग्रेस को इस चुनाव में फायदा मिला है। कांग्रेस के नेता इसे प्यार की जीत बता रहे हैं।
डीके-सिद्धारमैया का बेहतर इस्तेमाल
जिस तरह से पार्टी ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार का इस्तेमाल प्रचार में किया, वह काफी अहम रही। दोनों नेताओं के बीच अनबन को कांग्रेस प्रदेश में खत्म करने में सफल रही। तमाम चुनाव प्रचार के दौरान दोनों को एकजुट दिखाने में सफल रही।
5 गारंटी
कांग्रेस पार्टी की ओर से पांच बड़े वादे किए थे। महिलाओं और युवाओं के वोट को अपनी ओर करने के लिए कांग्रेस ने पांच वादे किए। पीएम मोदी और भाजपा दोनों ही वोट बैंक को अपनी ओर करने के लिए जानी जाती है। लेकिन कांग्रेस इन दोनों ही वोट बैंक को अपनी ओर लाने में सफल रही।
बजरंग दल की पीएफआई से तुलना
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने व्यक्तिगत तौर पर स्वीकार किया है कि जिस तरह से भाजपा ने बजरंग दल को प्रतिबंधित करने की बात मैनिफेस्टो में कहा और इसकी तुलना पीएफआई से की उसका पार्टी को फायदा मिला है। तमाम आलोचना के बाद भी पार्टी अपने इस रुख से पीछे नहीं हटी। इसका फायदा कांग्रेस को मुस्लिम वोटर्स को एकजुट करने में सफलता मिली।
1985 से चला आ रहा रिकॉर्ड
1985 के बाद से कोई भी पार्टी यहां लगातार दूसरी बार सरकार नहीं बना सकी है। प्रदेश में जेडीएस के वोट में कांग्रेस ने बड़ी सेंधमारी करते हुए अपने वोट शेयर को 43 फीसदी तक पहुंचाया। जेडीएस के वोट में सेंधमारी का कांग्रेस को बड़ा फायदा मिला। वहीं भाजपा का वोट शेयर 37 फीसदी बरकरार रहा, जोकि पिछले चुनाव के बराबर ही है।












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