Karnataka Election: सीएम बोम्बई बोले- राम के लिए जैसे हनुमान थे, वैसे ही बजरंग बली के लिए बजरंग दल है
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 10 मई को होगा। मतदान के एक दिन पहले मंगलवार को भाजपा के नेताओें और सीएम बसवराज बोम्मई ने हनुमान मंदिर में हनुमान चालीास का पाठ किया।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के मतदान 10 मई बुधवार को होगा और चुनाव परिणाम 13 को घोषित होगा। मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार थम चुका है। चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद मंगलवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के अलावा अन्य नेताओं ने हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं प्रदेश भर में भाजपा नेताओं ने मतदान के एक दिन पहले हनुमाम मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ किया।
वहीं मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कर्नाटक के लोगों ने पहले ही बीजेपी को वोट देने का फैसला कर लिया है। हम भगवान हनुमान और राम में विश्वास करते हैं, वे हमारी शक्ति के स्रोत हैं। राम के लिए जो हनुमान हैं, बजरंग बली के लिए बजरंग दल है।
बता दें मतदान से एक दिन पहले कर्नाटक भर में भाजपा नेतओं और भाजपा समर्थकों ने मंदिरों में जाकर समूह के साथ बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने जहां हुबली में अपने समर्थकों के साथ हनुमान मंदिर में हनुमान चालीस का पाठ किया। वहीं केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे और आबकारी मंत्री के गोपालैया ने बेंगलुरु में भगवान हनुमान मंदिर पहुंचे और उन्होंने 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया।
इतना ही नहीं भाजपा के नेताओं ने जहां मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया वहीं भाजपा की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के प्रदेश मुखिया डीके शिवकुमार ने अंजनेय मंदिर में जाकर विधिवत पूजा अर्चना की।
#WATCH | Karnataka CM Basavaraj Bommai along with his supporters recites Hanuman Chalisa at Hanuman Mandir in Hubbali's Vijay Nagar.
(Source: CMO) pic.twitter.com/ihiJhcD8bL
— ANI (@ANI) May 9, 2023
बता दें कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में भगवान बजरंगबली की उस समय एंट्री हो गई जब कांग्रेस पार्टी ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। इस चुनावी घोषणा पत्र में कांग्रेस ने वादा किया कि अगर कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनती है तो हमारी पार्टी बजरंग दल जैसे संगठन पर प्रतिबंध लगाएगी।
चुनाव के दौरान कांग्रेस ने ये संकल्प लेकर अपने लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर ली, भाजपा नेताओं ने बजरंगल दल पर प्रतिबंध लगाने के कांग्रेस के संकल्प पर उसे घेरना शुरू कर दिया। चुनाव के बीच में कांग्रेस के इस संकल्प ने भाजपा को अपनी हिंदुत्ववादी छवि को और चमकाने का बड़ा मौका मिल गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के सभी वरिष्ठ और अन्य नेताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि बजरंगबली का नारा लगाने वाले बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात करके कांग्रेस ने बजरंगबली का अपमान किया है।
इतना ही नहीं बेंगलुरू समेत कर्नाटक और अन्य राज्यों में भाजपा, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने कांग्रेस के घोषणा पत्र में बजरंग दल पर बैन लगाए जाने के संकल्प के विरोध में जगह-जगह हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रदेश की राजधानी बेंगलुरू जय बजरंगबली के नारों से खूब गूंजी।
इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में कर्नाटक की जनता को 10 मई को जय बजरंग बली बोल कर वोट डालने की आह्वान किया। भाजपा को वोट डालकर कांग्रेस को बजरंगबली का अपमान करने की भी अपील की थी।
वहीं बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के संकल्प के बाद जब कांग्रेस को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने अंजनेय भगवान के मंदिर में जाकर माथा टेका और अपनी वो फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने पर हनुमान मंदिर बनवाने का ऐलान करते हुए, कांग्रेस की भूल को पैचअप करते नजर आए।
हालांकि हनुमान मंदिर बनाने के ऐलान पर भाजपा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि डीके शिवकुमार टीपू सुल्तान के परिवार से हैं, टीपू सुल्तान की जयंती मनाने वाले कभी हनुमान मंदिर नहीं बनवाएंगे।












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