Karnataka Election 2023: 16 दिन में भाजपा में इस्तीफों की हुई बरसात, जानें कितनों ने थामा कांग्रेस का हाथ
Karnataka Election: बीते 16 दिन में भाजपा के गिरे ये विकेट, इन दिग्गज नेताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 की तरीख की घोषणा के 16 दिनों में राज्य की सत्ता संभाल रही भाजपा के एक के बाद एक विकेट गिर रहे हैं। पिछले 16 दिनों में भाजपा में इस्तीफा , रिटायमेंट लेने की मानो बारिश सी हो रही है। जहां कई वरिष्ठ नेता खफा होकर भाजपा को अलविदा करके प्रमुख विपक्षी पार्टी का हाथ थाम चुके है और कुछ थामने वाले है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी पहली और दूसरी उम्मीदवारों की सूची जेसे ही जारी की तो पार्टी को कई बहिष्कृत नेताओं ने बगावत शुरू कर दी। उनकी नाराजगी इस वजह से थी कि भाजपा ने नए चेहरों और दलबदलुओं को तबज्जों देने के लिए उनके टिकट काट दिए।
आइए जानते हैं 29 मार्च को चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद अब तक कितने भाजपा के मौजूदा विधायकों ने भाजपा को छोड़कर दूसरी पार्टी ज्वाइन कर ली और कितनों ने इस्तीफा दिया या फिर सक्रिय राजनीति से रिटायरमेंट ले लिया?
पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी ने नाराज होकर ज्वाइन कर ली कांग्रेस
कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी ने दो दिन पहले भाजपा से अलविदा कर दिया था क्योंकि दलबदलुओं में शामिल महेश कुमाथाहल्ली को भाजपा ने उनकी निर्वाचन सीटी अथानी से भाजपा के उम्मीदवार बना दिया था। वहीं शुक्रवार की सुबह बेंगलुरु में राज्य कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात की और उसके बाद कांग्रेस ज्वाइन कर ली। सावदी इतना नाराज थे कि उन्होंने ये तक कह डाला कि उनकी मौत के बाद उनकी अर्थी तक को भाजपा के कार्यलय के सामने से ना ले जाया जाए।
गोपालकृष्ण ने ज्वाइन की भाजपा
गोपालकृष्ण चित्रदुर्ग में मोलाकलमुरु विधानसभा सीट से चार बार कांग्रेस के विधायक थे, और 2018 में भाजपा में शामिल होने से पहले बेल्लारी सीट से एक बार कांग्रेस विधायक थे और कुदलिगी सीट से चुनाव लड़े और जीते। गोपालकृष्ण अनुसूचित जनजाति वाल्मीकि नायक समुदाय से हैं और उनके परिवार को बी श्रीरामुलु जैसे भाजपा नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध के लिए जाना जाता है, जो उसी एसटी समुदाय से हैं। गोपालकृष्ण ने 2018 में टिकट ना मिलने पर छोड़ी थी।
इन दो भाजपा विधायकों ने भी इस्तीफा देकर ज्वॉइन की भाजपा
वहीं भाजपा के पुतन्ना और बाबूराव चिंचानसुर ने भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस ज्वॉइन कर ली है।
आर शंकर ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया
बीजेपी एमएलसी आर शंकर ने भी सत्ता पक्ष द्वारा टिकट के लिए उनके अनुरोध को नजरअंदाज करने के एक दिन बाद उन्होंने विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया। आर शंकर उन 17 विपक्षी विधायकों में से एक थे, जिन्होंने 2019 में कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार को गिराने में भाजपा की मदद की थी। शंकर रानीबेन्नूर से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन उनकी जगह अरुण कुमार पुजार ने ले ली।
एम पी कुमारस्वामी ने भाजपा से दिया इस्तीफा
मुदिगेरे से भाजपा विधायक एम पी कुमारस्वामी ने बुधवार को पार्टी से अपने इस्तीफे की घोषणा की और राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि पर नामांकन नहीं होने का आरोप लगाया था। एम पी कुमारस्वामी ने टिकट ना मिलने पर भाजपा से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के अनुसार एमपी कुमारस्वामी जेडीएस ज्वाइन कर सकते हैं अनुसूचित जाति समुदाय के नेता अगर जेडीएस में शामिल नहीं होते हैं तो वो निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं।
हलदी श्रीनिवास शेट्टी ने चुनाव ना लड़ने का किया ऐलान
पांच बार भाजपा विधायक रहे हलदी श्रीनिवास शेट्टी ने चुनाव ना लड़ने का ऐलान कर दिया था। वैसे भी भाजपा इस बार पांच बार से ज्यादा बार चुनाव जीत चुके लोगों के बजाय नए लोगों को मैदान में उतारने का ऐलान पहले ही किया था। इनके अलावा वरिष्ठ नेता ईश्वरप्पा ने भी चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान करते हुए रिटायर्रमेंट लिया।
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इन्होंने दिखाए बगावती तेवर
- कर्नाटक भाजपा के सीटी रवि को टिकट नहीं मिला तो वो दुखी नजर आए और पार्टी पर जमकर गुस्सा निकाला। वहीं हिजाब विवाद में सुर्खियों में आए उड़पी एमएलए रघुपति भाट तो टिकट ना मिलने पर रो पड़े थे।
- कर्नाटक चुनाव से पहले पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार ने टिकट ना मिलने का अंदेशा दिखाते हुए बागवती तेवर दिखाया हालांकि भाजपा की अभी 12 उम्मीरवारों के नामों की सूची जारी होना बाकी है। इस लिस्ट में शेट्टार को टिकट मिलोगा वो इस उम्मीद को लगाए बैठे हैं।
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जेडीएस के इस धाकड़ विधायक ने ज्वाइन की कांग्रेस
वहीं चुनाव की तारीख का ऐलान होने के एक दिन बाद सबसे पहले गुब्बी से चार बार जेडीएस से विधायक रहे श्रीनिवास ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था।












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