Karnataka assembly election: करोड़पति विधायकों में किस पार्टी का दबदबा, किसमें सबसे ज्यादा अपराधी?
Karnataka assembly election 2023 dates: कर्नाटक विधानसभा में अभी जितने भी विधायक हैं, उनमें से 95 फीसदी अमीर हैं। जबकि, 35% विधायकों की छवि दागदार है।

Karnataka assembly election 2023 dates: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है। नई विधानसभा में कितने विधायक फिर से चुनाव जीतकर लौटेंगे, तो हो सकता है कि कइयों को वोटरों की नाराजगी झेलनी पड़ जाए। यह भी देखना होगा कि जब 13 मई को मतगणना होगी तो कितने करोड़पति विधायकों को जनता पसंद करती है और कितने दागी या अपराधी छवि वाले नेताओं के नाम पर बटन दबाती है। क्योंकि, मौजूदा विधानसभा में जहां दागियों की बहुत बड़ी संख्या है, वहीं धनाढ्यों की तो कोई कमी ही नहीं है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय भले ही 2.49 लाख रुपए है, लेकिन विधायकों की संपत्ति के मुकाबले यह कुछ भी नहीं है।

कर्नाटक विधानसभा का मौजूदा हाल
कर्नाटक में पिछले करीब दो दशकों में विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उतरे प्रत्याशियों के चुनावी हलफनामे का विश्लेषण करें तो करीब हर नौवें उम्मीदवारों में एक उम्मीदवार के खिलाफ कोई ना कोई आपराधिक मामला जरूर दर्ज था। बुधवार को जब भारतीय चुनाव आयोग ने कर्नाटक में 2023 के लिए विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है, तो यह जानना दिलचस्प है कि मौजूदा विधानसभा में अगर अधिकतर विधायक करोड़पति हैं, तो उनमें से कौन सी पार्टी किस नंबर एक पर है। इसी तरह जब बात आपराधिक छवि की आती है तो किस दल में ज्यादा दागी हैं। क्योंकि, आपराधिक छवि वालों को संसद और विधानसभा में पहुंचने से रोकने के लिए बातें तो खूब होती हैं, लेकिन इस मामले में कोई संवैधानिक संस्था भी उतना ठोस कदम उठाता नहीं दिखता, जितने की आवश्यकता है।

कर्नाटक चुनावों में 'दागी' उम्मीदवार
एसोसिएशन फॉर डेमेक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और कर्नाटक इलेक्शन वॉच के आंकडों के मुताबिक कर्नाटक में 2004 के बाद से जितने भी चुनाव हुए हैं, उनमें 8,893 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया है। इनमें से 1,135 के खिलाफ अपराध के कोई न कोई प्रकरण लंबित थे। यह कुल प्रत्याशियों की संख्या का 13% है। इनमें से 705 यानि 8% ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामलों का जिक्र किया है।

कर्नाटक विधानसभा में अपराधी छवि वाले विधायक
जहां तक मौजूदा कर्नाटक विधानसभा में सीटिंग विधायकों की बात है तो एडीआर के मुताबिक जिन 219 विधायकों का आंकड़ा लिया गया है, उनमें से 76 या 35% ने अपने खिलाफ आपराधिक मुकदमे की बात मानी है। यहां 224 में से दो सीटें खाली हैं और तीन विधायकों के हलफनामे की अनुपलब्धता की वजह से उसका विश्लेषण नहीं हो पाया है। जिन विधायकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमें थे, उनमें से 56 या 26% के खिलाफ गंभीर आपराधिक केस दर्ज थे। चार पर तो हत्या की कोशिश तक के केस चल रहे थे।
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दागी विधायकों के मामले में भाजपा नंबर वन
अगर पार्टी के अनुसार विश्लेषण करें तो बीजेपी के 118 में से 49 या 42%, कांग्रेस के 67 में से 16 या 24% और जेडीएस के 30 में से 9 के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। चार में से दो विधायकों ने भी इसी तरह के केस की बात बता रखी है। कुल मिलाकर भाजपा के 35, कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 8 विधायकों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चलने की जानकारी उपलब्ध करवा रखी है।

कर्नाटक में करोड़पति विधायकों की भरमार
लेकिन, एक बात तो तय है कि यदि हम कर्नाटक में विधायकों की संपत्ति देखें तो लगता है कि यह देश का सबसे धनाढ्य राज्य होगा। जिन 219 विधायकों की बात हो रही है, उनमें से 209 या 95% करोड़पति हैं। जहां आपराधिक छवि वाले विधायकों में भाजपा के एमएलए सबसे ज्यादा हैं। तो करोड़पतियों के मामले में कांग्रेस तुलनात्मक रूप से आगे है। कांग्रेस के 97% यानि 67 में से 65 एमएलए करोड़पति हैं। वहीं बीजेपी के 118 विधायकों में से 112 या 95% ने अपनी संपत्ति 1 करोड़ रुपए से अधिक बताई है। पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस भी पीछे नहीं है। इसके 30 में से 28 या 93% एमएलए के पास 1 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है।

कांग्रेस के विधायक सबसे धनाढ्य
लेकिन, अगर बात करोड़पतियों में से भी सबसे अमीरों की करें तो इसमें कांग्रेस विधायकों की औसत संपत्ति बाकियों से काफी ज्यादा है। पार्टी के 67 विधायकों की औसत संपत्ति 48.58 करोड़ रुपए है। इसके बाद चारों निर्दलीय विधायकों का नंबर है, जिनकी औसत संपत्ति 40.92 करोड़ रुपए है। फिर जेडीएस का स्थान है, जिनके 30 विधायकों की औसत संपत्ति 26.87 करोड़ रुपए है। वहीं 118 विधायकों के चलते बीजेपी विधायकों की औसत संपत्ति सबसे कम यानि 19.60 करोड़ रुपए है।













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