Gujarat News: चिंतन शिविर–2025 समापन: उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अधिकारी सम्मानित
कर्मयोगी पुरस्कार 2024-25 चार आईआईएस अधिकारियों को धारमपुर में तीन दिवसीय शिविर के दौरान उनकी अनुकरणीय प्रशासनिक सेवाओं के लिए प्रस्तुत किया गया। प्रत्येक प्राप्तकर्ता को नकद पुरस्कार और विकास अनुदान मिला।
धरमपुर स्थित श्रीमद राजचंद्र आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय 12वें चिंतन शिविर का शनिवार को समापन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने वर्ष 2024-25 के दौरान उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवाओं के लिए चार आईआईएस अधिकारियों को "कर्मयोगी पुरस्कार" से सम्मानित किया। पुरस्कार वितरण समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहे।

सम्मानित अधिकारियों में वलसाड के तत्कालीन जिला कलेक्टर नैमेष दवे, पाटण के तत्कालीन जिला कलेक्टर अरविंद वी., मोरबी के तत्कालीन जिला विकास अधिकारी जे. एस. प्रजापति और आणंद के तत्कालीन जिला विकास अधिकारी मिलिंद बापना शामिल हैं। कर्मयोगी पुरस्कार के तहत प्रत्येक अधिकारी को 51 हजार रुपए नकद पुरस्कार और वर्तमान में जिस जिले का वे प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, उसके विकास हेतु 40 लाख रुपए का प्रोत्साहन अनुदान प्रदान किया गया।
राज्य में प्रशासनिक दक्षता, आधुनिक उपकरणों का उपयोग, नवीन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अन्य मानदंडों के आधार पर ‘की परफॉर्मेंस इंडिकेटर (KPI)’ तय किए गए हैं। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2005 में जिला कलेक्टरों और जिला विकास अधिकारियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना एवं बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई थी।
- जिला कलेक्टरों के लिए 81 KPI
- जिला विकास अधिकारियों के लिए 73 KPI
100 अंकों की मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर विभागीय रिपोर्ट और मुख्य सचिव की सिफारिशों के अनुसार सर्वश्रेष्ठ अधिकारियों का चयन किया जाता है। योजना के अंतर्गत पुरस्कार दो श्रेणियों में दिए जाते हैं:
- 15 लाख से अधिक जनसंख्या और महानगर पालिका क्षेत्र वाले जिले
- 15 लाख तक की जनसंख्या वाले जिले
12वें चिंतन शिविर के समापन दिवस पर दोनों श्रेणियों में दो जिला कलेक्टरों और दो जिला विकास अधिकारियों सहित कुल चार आईआईएस अधिकारियों को वर्ष 2024-25 के लिए कर्मयोगी पुरस्कार प्रदान किए गए।












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