'जारा' के महल में बर्थ-डे मनाएंगी करीना कपूर खान, देखिए पटौदी पैलेस की दिलकश तस्वीरें
मुंबई। 21 सितंबर को करीना कपूर अपना 39वां जन्मदिन पटौदी स्थित इब्राहिम पैलेस में मनाने वाली हैं, जिसके लिए वो दो दिन पहले ही पति सैफ और बेटे तैमूर संग पटौदी पहुंच चुकी हैं लेकिन इस दौरान एक मजेदार लेकिन अजीबो-गरीब वाक्या भी सामने आया है, दरअसल सैफ जब अपनी बीवी और बेटे को लेकर पटौदी जा रहे थे तो वो रास्ता भटक गए , सैफ ने एयरपोर्ट से एसयूवी टैक्सी हायर की और अगली सीट पर बैठ गए, पीछे करीना बैठी थीं।

अपने ही महल का रास्ता भूल गए नवाज साहब
लेकिन इस दौरान वो अपने महल का रास्ता भूलकर बाजार की तरफ चले गए। थोड़ी देर बाद सैफ को इस बात का एहसास हुआ कि वो गलत रास्ते पर आ गए हैं। इसके बाद सैफ ने रास्ते में एक लड़के से रास्ता पूछा,उन्हें देखकर वह लड़का भी हैरान रह गया। उसने उन्हें रास्ता बताया और महल के तक लेकर गया।
फिलहाल इस खबर के सामने आते ही लोग सोशल मीडिया पर जमकर मजे ले रहे हैं, फिलहाल जब बात महल की चली ही है तो चलिए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में, जहां पटौदी की बहू-बेगम अपने जन्मदिन का जश्न मनाने वाली हैं...

करीना-सैफ ने पदौदी पैलेस में ही की थी शादी
आपको बता दें कि करीना-सैफ ने अपनी शादी की पार्टी भी इसी महल में ही दी थी, सैफ का यह महल बहुत ज्यादा ही खूबसूरत है, आपको जानकर हैरत होगी कि 'पटौदी पैलेस' सैफ के पिता मंसूर अली खान पटौदी को विरासत में मिला था और उसे आप कई फिल्मों में भी काफी निकटता से देख चुके हैं।
पाकिस्तानी जारा हयात खान का महल यही था...
अब आप पूछेंगे कि कैसे, तो सुनिए आपको यशचोपड़ा की बेहतरीन फिल्मों में से एक वीर-जारा याद है। जिसमें जारा हयात खान को पाकिस्तान के नवाब साहब की बेटी बताया गया था और वो बेहद ही सुंदर से आलीशान महल में रहती थी तो वो महल औऱ कोई नहीं पटौदी पैलेस ही था।

मैं यहां हूं..गाना यहीं फिल्माया गया था...
इस पैलेस में ही फिल्म का मशहूर गीत मैं यहां हूं...यहां फिल्माया गया था, इस महल में वीर-जारा के अलावा और भी बहुत सारी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। बहुत कम लोगों को पता है कि पटौदी पैलेस को आप वीर जारा, मंगल पांडे, रंग दे बसंती में देख चुके हैं।

महल में ही है कब्रगाह
मालूम हो कि हरियाणा के गुड़गांव से 26 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों में बसे पटौदी रियासत का इतिहास करीब 200 साल पुराना है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और पटौदी रियासत के 9वें नवाब मंसूर अली उर्फ टाइगर की मौत के बाद 2011 में उनके बेटे सैफ अली खान यहां के 10वें नवाब बने थे। पटौदी रियासत की स्थापना सन् 1804 में हुई, जिसके पहले नवाब सैफ के पूर्वज फैज तलब खान थे। मंसूर अली उर्फ नवाब पटौदी की मृत्यु के बाद उन्हें महल परिसर में ही दफनाया गया था। उनके अन्य पूर्वजों की कब्र भी यहीं आसपास है।












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